रायबरेली। पेट दर्द की गलत जांच रिपोर्ट देने पर उपभोक्ता फोरम ने लैब संचालक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह रकम वादिनी को 45 दिन में अदा करने का आदेश दिया है। शहर के अहियारायपुर की रहने वाली दीक्षा श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें पेट दर्द की शिकायत थी। इस पर उन्होंने एक चिकित्सक से परामर्श लिया।
चिकित्सक की सलाह पर उन्होंने मिडास स्कैन एंड लैब में जांच कराई। जांच में बताया गया कि उनके गर्भाशय में दाहिनी तरफ सिस्ट है। रिपोर्ट के अनुसार चिकित्सक ने उन्हें ऑपरेशन की सलाह दी, लेकिन पेट में ज्यादा दर्द होने पर पीड़िता ने लखनऊ में दोबारा इसकी जांच कराई। लखनऊ में कराई गई जांच में उनके दाएं गर्भाशय में सिस्ट होने की बात सामने आई। पीड़ित ने बताया कि मिडास स्कैन एंड लैब की जांच के अनुसार यदि वह ऑपरेशन करा लेती, तो उसकी जान भी जा सकती थी।
पीड़ित ने जांच और भाग दौड़ में खर्च हुए 20 हजार रुपये हर्जाना देने की मांग मिडास स्कैन एंड लैब से की, लेकिन लैब संचालक ने भुगतान देने से इन्कार कर दिया। इस पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया। उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष मदनलाल निगम ने बहस सुनने के बाद मिडास स्कैन एंड लैब संचालक को 10 हजार रुपये जुर्माना पीड़ित को अदा करने का आदेश दिया है।