एसपी दफ्तर में बरामद हुए बच्चे को गोदी में लिए परिजन।
रायबरेली। औलाद नहीं हुआ तो महिला ने पति और बहन के साथ मिलकर बेलाभेला सीएचसी से तीन माह का बच्चा बृहस्पतिवार दोपहर चुरा लिया। इधर, बच्चे की मां समेत अन्य परिवार परेशान था। मामले में पुलिस शुक्रवार को दंपती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मासूम को बरामद करके मां के सुपुर्द कर दिया।
सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि कोरचंदामऊ गांव की सुमन बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे अपना इलाज कराने सीएचसी आई थी। साथ में उनका तीन माह का बेटा मैकू भी था। इसी दौरान सुमन को दो महिलाओं ने बातों में उलझा लिया और उनके बेटे को लेकर चली गईं। पुलिस ने बच्चा चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की थी।
सीओ ने बताया कि बच्चे की बरामदगी के लिए पांच पुलिस टीमें लगाई थी। भदोखर थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद ने सुबह पूरे टईया मजरे भखरवारा गांव की वर्षा त्रिवेदी, उसके पति राहुल त्रिवेदी और मिल एरिया इलाके परिगवां गांव की बहन नमिता को दबोच लिया। वर्षा के घर से चोरी किया गया बच्चा भी बरामद किया गया।
सीओ के मुताबिक पूछताछ में आरोपी वर्षा त्रिवेदी ने बताया कि शादी के 13 साल बाद भी संतान न होने और पहले बच्चे की मृत्यु हो जाने के कारण उसने अपने पति और बहन के साथ मिलकर बच्चा चोरी की योजना बनाई थी। योजना के तहत वर्षा और नमिता अस्पताल के अंदर गईं। वर्षा ने बच्चे की मां को दवा दिलाने का बहाना बनाकर बच्चे को गोद में ले लिया, जबकि नमिता मां को दूसरी ओर दवा दिलाने के बहाने ले गई। मौका पाकर दोनों बहनें बच्चे को लेकर अस्पताल से बाहर निकल गईं और राहुल की बाइक पर बैठकर घर चली गईं।
इनसेट
सीसीटीवी कैमरे के जरिये आरोपियों तक पहुंची पुलिस
तीन माह के मैकू के चोरी होने से मां सुमन के आंसू नहीं थम रहे थे। परिवार के साथ रोती बिलखती सुमन थाने पहुंची और घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की।
भदोखर थाना प्रभारी राकेशचंद्र आनंद बताते हैं कि बच्चे की मां सुमन को टीबी की बीमारी है। वह अपना इलाज कराने अस्पताल थी। घटना के बाद अस्पताल परिसर के अलावा कई स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक किए गए। फुटेज में दो महिला समेत तीन लोग बाइक से बच्चे को जाते हुए दिखे थे। आसपास के लोगों से फुटेज की पहचान कराई गई और फिर आरोपियों को पकड़ लिया गया। बच्चा बरामद होने से गमगीन सुमन का चेहरा फिर खिलखिला उठा।