ट्रेन के इंजन में फंसी साइकिल को निकालते कर्मचारी।
रायबरेली। लखनऊ से वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को उस समय दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई, जब ट्रैक पर पड़ी साइकिल इंजन में फंस गई। लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अचानक ट्रेन के रुकने से यात्रियों में भी अफरातफरी रही, जिससे वे ट्रेन से बाहर निकल आए। घटना का पता चलते ही शहर के रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल की टीम पहुंच गई। साथ ही तकनीकी टीमों ने इंजन में फंसी साइकिल को बाहर निकालने का काम किया। करीब 10 मिनट बाद ट्रेन रवाना कर दी गई। इंजन या ट्रैक में कोई क्षति नहीं हुई है। आरपीएफ मामले की जांच में जुट गई है। अब तक की जांच के आधार पर कहा जा रहा है कि घटना के पीछे कोई साजिश नहीं है।
यह हादसा रायबरेली और रूपामऊ स्टेशनों के बीच गेट संख्या 143 के निकट हुआ। इंटरसिटी एक्सप्रेस रायबरेली से रवाना हुई और वाराणसी की तरफ फर्राटा भरने लगी। कुछ दूर जाने के बाद रूपामऊ स्टेशन से पहले रेलवे ट्रैक पर साइकिल पड़ी देखी तो लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। इससे पहले कि ट्रेन रुकती, साइकिल चपेट में आकर इंजन में फंस गई। हादसे की खबर लगते ही शहर के रेलवे स्टेशन से आरपीएफ, रेल पथ और इंजन से जुड़े तकनीकी कर्मचारियों की टीम घटनास्थल पहुंच गई।
काफी मशक्कत के बाद इंजन में फंसी साइकिल बाहर निकाली गई। इंजन का परीक्षण किया गया तो सब कुछ ठीक मिला। इस पर 10 मिनट बाद ट्रेन रवाना कर दी गई। रेलवे ट्रैक का परीक्षण भी कराया गया, लेकिन कोई खामी नहीं मिली। इससे रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। साजिश की बात भी कही जाती रही, लेकिन आरपीएफ ने छानबीन के बाद साजिश की आशंकाओं पर विराम लगा दिया। रेल पथ निरीक्षक विजय का कहना है कि हादसे से इंजन व ट्रैक में कोई क्षति नहीं हुई।
आरपीएफ इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि घटना की बारीकी से जांच कराई जा रही है। इंटरसिटी एक्सप्रेस के लोको पायलट से पूछताछ की गई है। लोको पायलट ने बताया कि कुछ स्कूली बच्चे साइकिल से रेल लाइन के किनारे जा रहे थे। ट्रेन आती देखी तो घबराहट में एक छात्र साइकिल छोड़कर भाग गया, जो ट्रैक पर पड़ी रह गई। इससे साइकिल इंजन की चपेट में आकर फंस गई।