सरेनी-भोजपुर। सरेनी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात वर्षों पुराना एक महुआ का भारीभरकम पेड़ अचानक गिर गया। इससे पेड़ पर बैठे 10 बंदरों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। सूचना पर मंगलवार को पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने बंदरों के शवों का पोस्टमार्टम कराया और दफना दिया। घायल बंदरों का इलाज कराया गया।
सरेनी गांव के बगल में एक जंगल है। यहीं पर सैकड़ों बंदर रहते हैं। दिन में इधर-उधर घूमने के बाद रात को वह झुंड बनाकर महुआ के पेड़ पर बैठते थे। सोमवार की रात करीब 12 बजे महुआ का पेड़ फटने के साथ गिर गया। उसकी सभी डालें जमीन पर गिर गईं। इससे पेड़ पर चढ़े बंदर उसमें दब गए। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए तो बंदरों के चिल्लाने की आवाज सुनी। ग्रामीणों ने किसी तरह डालों को काटकर फंसे घायल बंदरों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने मरे बंदरों के शवों को बाहर निकाला और उनका पोस्टमार्टम कराया। वन क्षेत्राधिकारी एएम सिद्दीकी ने बताया कि 10 बंदरों के शवों का लालगंज में पीएम कराकर दफना दिया है। घायल बंदरों का इलाज किया गया।