रायबरेली। मिल एरिया थाना क्षेत्र के जैतूपुर मोहल्ले के निकट शारदा सहायक पोषक नहर की दाहिनी पटरी कटने के मामले में शुक्रवार की शाम उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सिंचाई खंड तृतीय के सहायक अभियंता की तहरीर पर मामला पंजीकृत हुआ है। आरोेप है कि बिना अनुमति शारदा नहर में छेद करके केबल डालने का प्रयास किया गया। केस दर्ज करने के बाद पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। गुरुवार की रात शारदा पोषक नहर के किलोमीटर 228.300 पर जैतूपुर के पास रेलवे की ओर से नहर में छेद करके केबल डालने का प्रयास किया जा रहा था। इसके लिए रेलवे की ओर से नहर विभाग से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। छेद करने के दौरान ही नहर से पानी निकलना शुरू हो गया और देखते ही देखते पटरी बह गई। पटरी कटने से बहुत नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए डीएम की ओर से रेलवे को पत्र लिखा गया है। डीएम महेंद्र कुमार के आदेश पर सिंचाई खंड तृतीय के सहायक अभियंता जेपी गुप्ता ने मिल एरिया थाने में तहरीर देकर उत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक के खिलाफ 4/5 पब्लिक प्रापर्टी डैमेज एक्ट के तहत केस दर्ज करा दिया है। मिल एरिया एसओ मनोज मिश्रा ने बताया कि मामले में केस दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी गई है।
इनसेट
रेलवे लाइन को क्षति पहुंचाने की साजिश तो नहीं : डीएम
शारदा नहर की पटरी कटने के मामले में सिंचाई विभाग को एक करोड़ 32 लाख रुपये की भरपाई के लिए डीएम महेंद्र कुमार ने मंडल रेल प्रबंधक को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि रेलवे विभाग के एडिशनल डिवीजन सप्लाई एंड टेली कम्युनिकेशन (एडीएसटीआई) के अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से नहर की पटरी पर आरपार छेद किया गया। यह काम रात नौ से 12 बजे के बीच किया गया। यह भी कहा है कि आखिर ऐसी कौन सी जरूरत थी कि यह काम रात में ही कराया गया। इसकी जांच होनी चाहिए। इसकी सूचना उनको (डीएम) को दी जाए, ताकि इस संभावना का पता लगाया जा सके कि कहीं अराजकतत्वों द्वारा रेलवे लाइन को क्षति पहुंचाने के लिए तो यह कार्य नहीं कराया जा रहा था। डीएम ने यह भी कहा कि यदि समय से इसकी सूचना विभाग को दी जाती तो इस नुकसान से बचाया जा सकता था।