रायबरेली। शहर के जैतूपुर मोहल्ले के निकट शारदा सहायक पोषक नहर की पटरी कटने से रायबरेली समेत तीन जिलों के लाखों किसानों के सामने सिंचाई की समस्या आ गई है। नहरों पर आश्रित किसानों को एक पखवारे तक सिंचाई के लिए पानी का इंतजार करना होगा। धान की रोपाई का सीजन होने के बाद भी पटरी के ठीक होने व पानी आपूर्ति में दस से 15 दिन तक लग सकते हैं। इससे रायबरेली के अलावा प्रतापगढ़ व इलाहाबाद के किसानों की सिंचाई भी प्रभावित रहेगी।
रेलवे की ओर से गुरुवार की रात शहर क्षेत्र के जैतूपुर के पास शारदा नहर में ड्रिल करके केबल डालने के प्रयास में नहर के किलोमीटर 228.300 पर पटरी कट गई। इससे शहर के कई मोहल्लों में पानी ने तबाही मचा दी। कटान बड़ा होने के कारण आगे पानी की आपूर्ति भी पूरी तरह से ठप हो गई। तबाही को रोकने के लिए बछरावां क्षेत्र के विनायकपुर व काका करौंधी के पास पोषक नहर को ब्रेक कर दिया गया। पटरी कटने से रायबरेली, प्रतापगढ़ व इलाहाबाद के लाखों किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलना बंद हो गया है। विभाग पटरी को ठीक कराने में जुट गया है, लेकिन इसको ठीक कराने में ही विभाग को 10 से 15 दिन लग जाएंगे। किसानों को एक पखवारे के बाद ही सिंचाई के लिए पानी मिल सकेगा। इस बीच सिंचाई का कार्य पूरी तरह से प्रभावित रहेगा।
कोट
शारदा नहर की पटरी कटने के कारण तीन जिले के किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। पटरी को जल्द से जल्द ठीक कराने का प्रयास शुरू करा दिया गया है। हालांकि इस काम में दस से 15 दिन जरूर लग जाएंगे। किसानों को समय से पानी देेने का पूूरा प्रयास किया जा रहा है।
राजेश वर्मा, नोडल अधिकारी/ अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग