रायबरेली। ट्रेनों से सफर करने के लिए घरों से निकले यात्रियों को मंगलवार को मायूसी हाथ लगी। अचानक पांच पैसेंजर ट्रेनें निरस्त कर दी गईं, जबकि कई अन्य ट्रेनें लेटलतीफ रहीं। स्टेशन पहुंचने पर ट्रेनों के निरस्त होने की जानकारी से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। पूछताछ काउंटर पर ट्रेनों की पोजीशन पता करने के लिए यात्रियों की भीड़ लग गई। काफी देर तक ट्रेन न आने पर यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान जाने के लिए बसों का सहारा लेना पड़ा। इससे बसों में भी बैठने के लिए यात्रियों में मारामारी रही। संतकबीर नगर जिले में हुआ हादसा ट्रेनों के निरस्त और लेट होने की वजह बताई जा रही है।
वीआईपी रेलवे स्टेशन से होकर करीब 50 ट्रेनों का संचालन किया जाता है। मंगलवार को रायबरेली-रघुराज सिंह पैसेंजर (आरडीएल), रायबरेली-ऊंचाहार पैसेंजर, प्रतापगढ़-लखनऊ पैसेंजर, प्रयाग-लखनऊ पैसेंजर, लखनऊ-वाराणसी पैसेंजर ट्रेनें निरस्त कर दी गईं। सुबह यात्री रेलवे स्टेशन पहुंचे और जब उन्हें इन गाड़ियों के निरस्त होने की जानकारी मिली तो वह अवाक रह गए। हर कोई पूछताछ काउंटर पर पहुंचकर ट्रेनों के निरस्त होने की जानकारी लेता रहा। इसको लेकर यात्रियों में अफरातफरी रही। अधिकतर यात्री ट्रेन की आस छोड़कर बस स्टेशन पहुंचे। इसके बाद बस में बैठकर गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुए। इससे बसों में भी भीड़भाड़ देखी गई। ट्रेनें निरस्त के अलावा वाराणसी-लखनऊ पैसेंजर तीन घंटे, हावड़ा-अमृतसर पंजाब मेल एक घंटे, वाराणसी-देहरादून जनता एक्सप्रेस 45 मिनट और लखनऊ-वाराणसी इंटरसिटी तीन घंटे लेट रही। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। रेलवे विभाग के अफसरों का कहना है कि ट्रेनें निरस्त होने की कोई वजह नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि संतकबीर नगर जिले में हुए हादसे के चलते इन ट्रेनों को निरस्त किया गया है। इन ट्रेनों का संचालन कब शुरू होगा, इस बारे में कोई कुछ नहीं बता पा रहा है।