रायबरेली। स्कूल चलो अभियान का पहला पखवारा फुस्स रहा। कागजी खानापूरी व तैयारियों में ही गुरुजी ने 15 दिन गुजार दिए। कहने को कुछ स्कूलों में रैलियां निकाली गईं। बीआरसी सेंटरों में बैठक बुलाकर लोगों को इसके लिए बताया गया, लेकिन पहले पखवारे में शासन की मंशा पूरी नहीं हो सकी। कहीं बच्चों की सूची तैयार की गई तो कहीं इस अभियान के बारे में विचार तक नहीं किया गया।
शासन की मंशा है कि इस बार एक जुलाई को स्कूल खुलने से पहले ही नामांकन का कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके लिए पहली अप्रैल से 31 मई तक स्कूल चलो अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए शासन से पिछले महीने से दिशा-निर्देश आ गए। अभियान को पहली अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन समय से काम शुरू नहीं हो सका। बताते हैं कि शिक्षक इस अभियान को लेकर रुचि नहीं ले रहे हैं। कुछ स्कूलों में खानापूर्ति के नाम पर रैलियां निकाली गईं तो कुछ बीआरसी सेंटराें पर बैठकें करके अभियान के विषय में चर्चा की गई।
खास बात यह कि अभियान में किसी भी हाल में तेजी नहीं आ पा रही है। इसके लिए पूरा तंत्र ही फेल हो गया। मंगलवार से नामांकन अभियान शुरू होने वाला है। यह अभियान 31 मई तक चलेगा। बताते हैं कि नामांकन के दौरान छुट्टी होने के बाद भी स्कूली बच्चों को स्कूल बुलाकर रैलियां निकाली जाएंगी। ब्लॉक स्तर पर संगोष्ठी करके लोगों को जागरूक किया जाएगा।