रायबरेली। कोर्ट ने दुराचार का आरोप सिद्ध होने पर अभियुक्त को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साढ़े सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश सोहनलाल श्रीवास्तव ने सुनाया। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामले की रिपोर्ट थाना मिल एरिया में 20 जुलाई 2010 को अंकित कराई गई। रिपोर्ट के अनुसार, मुकदमा वादिनी रामकली (परिवर्तित नाम) व घर के अन्य लोग 20 जुलाई 2010 को खेत गए थे। घर पर उसकी नातिन (14) अकेली थी। दोपहर में पड़ोसी गिरजा प्रसाद उसके घर में घुस आया और नातिन के साथ दुराचार किया। इसी दौरान मुकदमा वादिनी घर वापस आ गई और आरोपी उसे धक्का देकर भाग गया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी गिरजा प्रसाद के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी (क्रिमिनल) अजय मौर्या ने पैरवी की। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।