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महिला स्वास्थ्य कर्मियों का विकास भ्ावन में धरना

Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
Raebareli
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रायबरेली। अमेठी जिले की डीह पीएचसी में तैनात रही स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विजयम्मा मर्डर केस में अब सीबीआई जांच की मांग शुरू हो गई है। मर्डर केस का खुलासा होने के बाद सोमवार को मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने विकास भवन में धरना देकर केस की सीबीआई जांच की पुरजोर मांग की। महिला कर्मचारियों ने पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। धरने के बाद एक ज्ञापन सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री को भेजा है। बीती 2 नवंबर को विजयम्मा का अपहरण मिलएरिया थाना क्षेत्र के मलिकमऊ मोहल्ले से कर लिया गया था। बदमाशों ने जेवर लूटने के मकसद से वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में विजयम्मा की घटना के दिन ही हत्या करके शव को जगतपुर थाने के बिंदागंज के पास शारदा नगर में छुपा दिया गया था। मामले में तत्कालीन एसओ ओपी यादव को घटना का खुलासा न करने पर हटा भी दिया गया था। ऊंचाहार के एसओ रहे आरपी यादव को मिलएरिया थाने का चार्ज दिया गया। चार्ज लेने के तीन दिन बाद ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया। पुलिस ने दो शातिरों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इस मामले में सोमवार को मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ ने विकास भवन में धरना देकर पुलिस की कार्यशैली पर अंगुली उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की। अध्यक्ष एलिजाबेथ ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर पा रही है। आरोप लगाया कि जेवर भी बरामद नहीं किया गया और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने नहीं पकड़ा। सभी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की। धरना-प्रदर्शन में रामेंद्र मिश्रा, शिवकांत, अलीमुल्ला, जगदम्बा, रमेश, पवन, डीएन पाठक, विद्या सिंह, सुजाता, अशोक, सुकुमारी, रतनन्मा, सारम्मा मौजूद रहे। सभी ने मामले की सीबीआई जांच न होने पर आंदोलन की धमकी दी।
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