रायबरेली। साथी अधिवक्ता पर दर्ज मुकदमे से नाराज वकील आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। सोमवार को सेंट्रल बार एसोसिएशन की आम सभा ने हड़ताल को बेमियादी बनाने का निर्णय लिया। वकील अब मामले में सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग पर अड़ गए हैं। सोमवार को वकीलों ने पुलिसकर्मियों को बाहर कर दीवानी कचहरी के सभी गेटों को कुछ समय के लिए बंद कर ताला जड़ दिया। इससे परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। लगातार तीसरे दिन वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10.30 बजे सेंट्रल बार की आम सभा बार के लाइब्रेरी भवन में शुरू हुई। इसमें अधिवक्ता संत बहादुर सिंह के खिलाफ ऊंचाहार थाने में दर्ज दुराचार के मामले को लेकर चर्चा हुई। बार के महामंत्री सुनील सिंह, देवेंद्र सिंह, आशीष पांडेय समेत कई वकीलों ने अपने विचार रखे। सभी ने अब तक की पुलिस कार्रवाई पर निराशा जाहिर की। कहा कि प्रकरण में अब जिले की पुलिस पर भरोसा नहीं रहा। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच सीबीसीआईडी से कराई जाए। साथ ही जब तक सीबीसीआईडी जांच के आदेश नहीं होते वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। जिस पर मौजूद वकीलों ने सहमति जताई। इसके बाद वकीलों ने एक के बाद एक सभी गेट बंद करा दिए। साथ ही जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यही नहीं परिसर में मौजूद पुलिस कर्मियों को बाहर निकलने को कहा। इस पर मौके की नजाकत को भांपते हुए काफी पुलिस कर्मी बाहर चले गए। इस मौके पर दिनेश चंद्र, हरिश्चंद्र शर्मा, महेंद्र सिंह, विजय वाजपेयी, इंद्र कुमार, सुशील त्रिपाठी, गंगा प्रसाद, सुरेंद्र भदौरिया, उमानाथ, उपेंद्र सिंह, विनोद द्विवेदी, राजेंद्र कुमार, दिनेंद्र सिंह, राधेश्याम आदि मौजूद रहे।