सलोन (रायबरेली)। केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में घपला करने से ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी बाज नहीं आ रहे हैं। फर्जी तरीके से मजदूरी का भुगतान करके धन का वारा-न्यारा करने का एक मामला पकड़ में आया है। जांच के बाद घपला पकड़ में आने के बाद डीएम ने 40 हजार रुपये की वसूली के आदेश दे दिए हैं। यह धनराशि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम रोजगार सेवक से की जाएगी।
ब्लाक के ग्राम पंचायत करेमुआ में मनरेगा में फर्जी तरीके से मजदूरी का भुगतान करके धन डकार लिया गया था। इस मामले की शिकायत ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, कुलदीप आदि ने बीते 19 अप्रैल को डीएम और मुख्यमंत्री से की थी। डीएम के आदेश पर मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि फर्जी तरीके से 25 जाबकार्ड धारकों के सहारे 40500 रुपये डकार लिए गए। इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी की गई, लेकिन जवाब नहीं दिया गया। डीएम विद्याभूषण ने बताया कि घपले की पुष्टि होने के बाद ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम रोजगार सेवक से बराबर-बराबर धनराशि वसूली के आदेश दे दिए गए हैं। समय से धनराशि जमा न करने पर तहसील के माध्यम से वसूली कराई जाएगी।