रायबरेली। लखनऊ से वाराणसी तक का सफर अब सुहाना हो जाएगा, बस एक साल और इंतजार करना होगा। लखनऊ के उतरेटिया से रायबरेली तक और रायबरेली से अमेठी तक दो खंडों में स्वीकृत हुए रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य अगले साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा, जिससे इस रूट पर दौड़ने वाली ट्रेनें फर्राटा भरने लगेंगी और बेवजह गाड़ियों की लेटलतीफी से समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।
रायबरेली से उतरेटिया तक 26800 लाख और रायबरेली से अमेठी तक 28570 लाख से रेल लाइन दोहरीकरण का कार्य कराया जाना है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सात-आठ साल पहले तक डबलिंग के प्रोेजेक्ट की प्रगति महज 10 फीसदी थी। भाजपा सरकार बनने के बाद इसमें तेजी आई।
उतरेटिया से श्रीराजनगर तक करीब 29 किमी. और अमेठी से जायस तक करीब 32 किमी. की दूसरी रेल लाइन अगले तीन महीने में कंप्लीट हो जाएगी। बाकी बची श्रीराजनगर से रायबरेली तक करीब 37 किमी. और रायबरेली से जायस तक करीब 28 किमी. की नई रेल लाइन दिसंबर 2019 तक पूरी हो जाएगी। इस तरह से अगले दिसंबर तक लखनऊ से अमेठी तक रेल लाइन का दोहरीकरण पूरा हो जाएगा और गाड़ियां फर्राटा भरने लगेंगी।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा है कि उत्तर प्रदेश में रेल की गति बढ़े। इसके प्रयास किए जा रहे हैं। पिछली सरकारों में रेलवे में महज 5500 करोड़ रुपये निवेश हुआ करता था, जिसे मोदी सरकार ने 2014 से 2019 तक बढ़ाकर 26 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। इससे लोगों को अच्छी सेवा मिल सकेगी। मॉडर्न कोच फैक्टरी की क्षमता 480 करोड़ की लागत से दोगुनी करने के साथ ही इसमें आगे और भी विस्तार किया जाएगा, जिससे छोटे उद्यम स्थापित होंगे और लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।