अवैध खनन में टीला धंसा, सात मजदूर दबे, एक की मौत
सलोन-डीह (रायबरेली)। सलोन के रायपुर महेवा गांव में बालू के अवैध खनन के दौरान टीला ढहने से सात मजदूर दब गए।
शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह मजदूरों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां पर डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया गया।
वहीं अन्य मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस व राजस्व विभाग की टीम भी मामले की पड़ताल में जुट गई हैं।
रायपुर महेवा गांव स्थित तालाब में करीब सात फुट नीचे बालू निकल रही है। गांव के ही दबंग लोग इस बालू का अवैध रूप से खनन कर बाजार में बेच रहे हैं।
पुलिस चौकी सूची की मिलीभगत से यह गोरखधंधा करीब एक साल से चल रहा है। गुरुवार देर रात भी दबंगों के इशोर पर गांव के ही रमेश कुमार, रिंकू, बीरेंद्र, रामधनी, हीरा, रामकेश व धर्मेश बालू का खनन कर रहे थे।
इसी बीच अचानक टीला ढह गया। इससे सभी मजदूर उसमें दब गए। उधर, शोर सुनकर गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए।
आननफानन गांव के लोगों ने किसी तरह सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। लेकिन पीएचसी में डॉक्टरों ने रमेश कुमार (40) पुत्र महिपाल को मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों की मानें तो रमेश नेम का पुरवा का निवासी था लेकिन मौजूदा समय में वह अपनी ससुराल रायपुर महेवा में रहता था।
वहीं हादसे में घायल हुए अन्य मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। सलोन के कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि बालू खनन का मामला प्रकाश में आया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।