जिला परियोजना प्रबंधक को मिला घपला
रायबरेली। पंचायतीराज विभाग के जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश द्विवेदी ने बछरावां ब्लॉक के इसिया गांव पहुंचकर तीन साल के दस्तावेजों को खंगाला। तमाम ऐसे काम मिले जो करा दिए गए हैं लेकिन वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति नहीं ली गई। भुगतान से संबंधित दस्तावेज भी नहीं मिले। उन्होंने राजामऊ में भी तीन साल के कार्योें को देखा और कमियां खंगाली।
उप निदेशक की जांच में ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र के अरखा और राही ब्लॉक के लोधवारी गांव में मनमानी पकड़ में आने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिला परियोजना प्रबंधक को सभी ब्लॉकों के दो-दो गांवों में पिछले तीन साल के कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं। इसमें परियोजना प्रबंधक को वर्ष 2015-16 से वर्ष 2017-18 तक गांवों में राज्य वित्त, 14वें वित्त, 13वें वित्त व पंचायतीराज विभाग से मिल बजट से कराए गए कार्यों की जांच के आदेश दिए हैं। परियोजना प्रबंधक ने बछरावां ब्लॉक के इसिया गांव का निरीक्षण किया। यहां तीन वर्ष के कार्यों से संबंधित दस्तावेज कंप्लीट नहीं मिले। उन्होंने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को सात दिन में दस्तावेज पूरा करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। परियोजना प्रबंधक अविनाश द्विवेदी ने बताया कि जिले के 18 ब्लॉकों के दो-दो गांवों में जांच करनी है। इसिया गांव में गड़बड़ी मिली है। रिपोर्ट डीपीआरओ को दी जा रही है।
इन गांवों के तीन साल के दस्तावेज खंगालेंगे
जिला परियोजना प्रबंधक को शिवली, देहली, रहवां, बाला, घुराडीह, जतुआ, सरायदामू, भदोखर, भितरी, दोखनहा, अंबारा पश्चिम, सोंडासी, पखरौली, कुडवल, उंडवा, भीख, मतरौली, जसौली, मिर्जापुर ऐहारी, मवई, बेहीखोर, मेलखा साहब, जनई, मुरैनी, ममुनी, खैरहनी पहाड़गढ़, बेतौरा, मझिलहा, बभनपुर, बेवल गांवों की जांच सौंपी गई है। एक महीने में यह जांच पूरी होनी है।