एनटीपीसी हादसा : प्रदूषणकी जांच के लिए अफसरों को लखनऊ के आदेश का इंतजार
- ऊंचाहार में हुई घटना को छह दिन बाद भी नहीं किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे को छह दिन बीत गए। हादसे के बाद वहां और आसपास वायु और ध्वनि प्रदूषण कितना बढ़ा है और इलाकाई लोग उससे कितना प्रभावित है। इसकी चिंता क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को नहीं है। वे हाथ पर हाथ धरे बैठे लखनऊ के अफसरों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। आदेश पर ही वे एनटीपीसी ऊंचाहार की ओर रुख करेंगे।
एनटीपीसी में धमाके के बाद ध्वनि और वायु प्रदूषण काफी बढ़ा होगा। इसकी जांच करने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर है। हादसे के बाद मजिस्ट्रेटी जांच से लेकर दिल्ली तक की टीम यहां जांच करने के लिए पहुंच गई है, लेकिन अब तक क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों की टीम प्रदूषण की जांच के लिए नमूने भरने के लिए मौके पर नहीं पहुंची है।
हादसे के बाद एनटीपीसी के आसपास के गांवों के लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन फैले प्रदूषण की जांच न हो पाने के कारण समस्या और भी विकराल हो सकती है। मनमानी कार्यशैली के लिए चर्चित क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर हादसे के बाद बढ़ी समस्या को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं लग रहे हैं। यह हाल तब है, जब इस विभाग के अधिकारी रायबरेली के साथ सुल्तापुर, प्रतापगढ़ और अमेठी जिले की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
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एनटीपीसी में धमाके के बाद फैले प्रदूषण की जानकारी है, लेकिन इस संबंध में लखनऊ से जांच करने के लिए आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही प्रदूषण की जांच की जाएगी। एनटीपीसी में प्रवेश पर भी पाबंदी लगाई गई है। इसी कारण जाने में और देरी की जा रही है। यहां के क्षेत्रीय अधिकारी यूएन उपाध्याय हैं, लेकिन आज वे किसी सरकारी कार्य से बाहर हैं।-विमल कुमार, सहायक पर्यावरण अभियंता, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड