भरपेट भोजन न मिलने से भड़के छात्र, सड़क पर उतरे
बछरावां (रायबरेली)। विकासखंड क्षेत्र के समोधा गांव में स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय (राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय) में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर बुधवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। छात्रों ने स्कूल गेट बंद कर दिया और हाथों में थाली लेकर प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद आठ किलोमीटर पैदल चलकर व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधायक के आवास पर पहुंचे। सभी ने विद्यालय में भरपेट भोजन न मिलने, घटिया खाना मिलने, ड्रेस व किताबें, चिकित्सीय सुविधाएं न मिलने समेत अन्य दिक्कतें भाजपा विधायक रामनरेश रावत को बताईं और निराकरण कराए जाने की मांग की। समस्याओं का निस्तारण न होने पर आगे फिर आंदोलन करने की धमकी दी। विधायक ने छात्रों को समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया।
समोधा गांव में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय चलता है। इसमें सरकार की ओर से निर्बल आय वर्ग के बच्चों को मुफ्त में आवासीय शिक्षा उपलब्ध है। विद्यालय में लगभग जूनियर से लेकर इंटर तक के 450 बच्चे अध्ययनरत हैं। विद्यालय के छात्र प्रांजल, दिनेश, अमरेश, सचिन, शीलू, राजन, शुभम, भूपेंद्र, अभिषेक, आलोक, सरोज, शिवकुमार समेत तमाम छात्रों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय में उनको भरपेट भोजन नहीं दिया जाता। भोजन घटिया स्तर का दिया जाता है। किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, जिसके चलते पढ़ाई बाधित हो रही है। ड्रेस भी अभी नहीं मिली है। बीमार होने चिकित्सीय सुविधा विद्यालय में उपलब्ध नहीं रहती।
आरोप लगाया कि अधिकतर अध्यापक पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते हैं, जिसके चलते छात्रों का भविष्य चौपट हो रहा है। इन्हीं सब समस्याओं को लेकर छात्र विद्यालय से बाहर निकल आए और जमकर प्रदर्शन किया। इसके बाद आठ किलोमीटर पैदल चलकर बछरावां कस्बा स्थित क्षेत्रीय भाजपा विधायक के आवास पहुंचकर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। विधायक ने छात्रों को समस्याएं दूर कराने का आश्वासन दिया। इस पर छात्र लौट गए। विधायक ने बताया कि छात्र उनके पास आए थे। बच्चों की समस्याएं गंभीर हैं। समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कराए जाने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
छात्रों का रसोइये से झगड़ा, इसीलिए गुस्से में
जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय की अधीक्षिका सुनीता सिंह ने बताया कि छात्रों का रसोइये से किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इसीलिए छात्र गुस्से में हैं। उनको गुणवत्तापूर्ण भोजन समय से दिया जाता है। छात्रों की कुछ किताबें आ गई हैं, जो दे दी गई हैं। शेष किताबें आनी है। किताबें आ जाने पर वितरित कर दी जाएंगी। छात्रों का विद्यालय में अव्यवस्थाओं का आरोप गलत है।