वकीलों ने स्वामी प्रसाद का फूंका पुतला
रायबरेली। दीवानी कचहरी के वकीलों ने सोमवार को सड़क पर उतरकर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का पुतला फूंका और उनको मंत्रिमंडल से बर्खास्त किए जाने की मांग की। वकीलों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और पीड़ितों की मुआवजा राशि बढ़ाए जाने की मांग की।
अधिवक्ता शशिकांत शुक्ला, विजय बाजपेयी, विकास त्रिपाठी, सुरेंद्र तिवारी समेत तमाम वकील कचहरी से कानपुर रोड पहुंचे और नारेबाजी करते हुए कैबिनेट मंत्री का पुतला फूंका। उन्होंने कहा कि अप्टा में हुए नरसंहार के मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए। उन्होंने स्वामी के उस बयान की निंदा की जिस पर उन्होंने मारे गए लोगों को अपराधी बताया था। वकीलों ने मुख्यमंत्री से कैबिनेट मंत्री को तत्काल मंत्री मंडल से बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि पीड़ित परिवारों को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए। कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता उनके परिवार के साथ है।
अप्टाकांड में निर्दोष ग्रामीणों को दी जाए सुरक्षा
रायबरेली। सम्राटचंद्र गुप्त मौर्य सेवा संस्थान ने सोमवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें अप्टा कांड की निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की और कहा कि घटना वाले दिन वाहन की टक्कर से घायल अमृतलाल प्रजापति समेत अन्य निर्दोष ग्रामीणों को सुरक्षा प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रधान रामश्री और घायल अमृतलाल प्रजापति की ओर से भी एफआईआर दर्ज की जाए। पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि वारदात का सच सामने आ सके। इस मौके पर एसएन मौर्य, शत्रोहन मौर्य, गजाधर प्रसाद, रामस्वरूप आदि मौजूद रहे।
अप्टाकांड की हो सीबीआई जांच
रायबरेली। दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर अप्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की। डॉ. राम बहादुर वर्मा, डीपी पाल, रामदेव मौर्य, भारतलाल वर्मा आदि का कहना है कि अप्टा कांड की विवेचना ठीक ढंग से नहीं की जा रही है। अप्टा गांव से पुलिस का आतंक खत्म नहीं हो रहा है। दुर्घटना में घायल अमृतलाल प्रजापति की रिपोर्ट भी दर्ज की जाए।