ज्वॉइन करने के बाद ही नवागत डीएम अभय सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन में छापा मारा। छापे के दौरान 91 मातहत दफ्तरों में गैर हाजिर पाए गए। इसमें कई अधिकारी शामिल हैं। इससे डीएम का माथा टनक गया।
उन्होंने अधिकारियों व कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान दफ्तरों में साफ-सफाई भी ठीक नहीं पाई गई। दस्तावेजों का रखरखाव ठीक नहीं मिला।
इस पर डीएम ने सुधरने की चेतावनी दे डाली। यही नहीं बीएसए कार्यालय में तो ताला लटक रहा था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुबह नौ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक दफ्तरों में बैठकर जनता की समस्याएं सुनने के निर्देश दिए हैं, लेकिन डीएम के निरीक्षण में इस निर्देश की अनदेखी की पोल खुल गई।
सुबह अचानक डीएम विकास भवन पहुंच गए। उन्होेंने विकास भवन का गेट बंद करा दिया। इसके बाद एक के बाद एक विभिन्न कार्यालयोें का निरीक्षण किया। जहां पर भी डीएम पहुंचे, वहां पर अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित नहीं पाए गए। दफ्तरों की साफ-सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली। इस पर नाराजगी जताई।
बीएसए कार्यालय में ताला लटक रहा था। निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्ण कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी अनंत प्रसाद सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अरविंद कुमार, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सवींद्र सिंह, सहायक निदेशक सूचना नीलिमा, सहायक सूचना अधिकारी सुनील कुमार, डीपीआरओ संजय यादव, परियोजना अधिकारी डूडा सुधाकांत मिश्रा, जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी मुनींद्र श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गुरुशरण सिंह निरंजन, वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र कुमार, जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन विनय कुमार तिवारी समेत 91 अधिकारी व कर्मचारी गैरहाजिर रहे। डीएम का कहना है कि सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट के कक्षों का भी लिया जायजा
डीएम अभय सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अभिलेखागार पहुंचकर दस्तावेजों का रखरखाव चेक किया। एडीएम प्रशासन को दस्तावेजों का रखरखाव ठीक कराने के निर्देश दिए। कहा कि उन्हें बातें नहीं, काम चाहिए। इसके बाद शस्त्रागार, नजारत कक्ष का भी डीएम ने जायजा लिया। नजारत कक्ष में गंदगी देखकर डीएम ने नाराजगी जताई।