759 प्रत्याशियों में मात्र 73 प्रत्याशी ही अपनी जमानत बचा पाए। 686 प्रत्याशियों की जमानत राशि जब्त हो गई है। 33 ऐसी सीटें हैं, जहां केवल जीतने वाले प्रत्याशी की ही जमानत बच सकी है।
यही नहीं एक डीडीसी निरक्षर है। कम पढे़ लिखे डीडीसी की भी संख्या अधिक है। चुनाव में कुल पडे़ मतों का 20 प्रतिशत से अधिक वोट पाने वाले प्रत्याशियों की जमानत बच जाती है।
प्रत्याशियों को अपनी जमानत राशि बचाने के लिए इस आंकड़े को पार करना होता है। लेकिन इस बार तो जिला पंचायत में वोटरों ने प्रत्याशियों को इस कदर हराया कि उनकी जमानत तक जब्त हो गई है।
मात्र 19 सीटें ही ऐसी हैं, जहां दो या तीन प्रत्याशियों की जमानत बची है। इस बार जिला पंचायत के चुनाव में कम पढे़ लिखे प्रत्याशी भी जीते हैं।
नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार खीरों तृतीय से जीती कमला देवी निरक्षर हैं। प्राइमरी तक की शिक्षा वालों की संख्या सबसे अधिक 21 है। तीन ने परास्नातक और नौ ने स्नातक किया है।
जीते प्रत्याशियों की शैक्षिक योग्यता
निरक्षरों की संख्या 01
प्राथमिक शिक्षा प्राप्त 21
हाईस्कूल पास 13
इंटर पास 05
बीए पास 09
एमए पास 03
कुल 52