रायबरेली। सलोन ब्लॉक क्षेत्र के मटका गांव में प्रधानमंत्री आवास बनवाने में मनमानी का मामला प्रकाश में आया है। जिस व्यक्ति के नाम आवास स्वीकृत किया गया, उसे आवास का लाभ न देकर उसी के नाम के गांव के दूसरे व्यक्ति का आवास बनवा दिया गया है।
लाभार्थी की पत्नी ने डीएम को शिकायतीपत्र देकर मामले की जांच की मांग की है। डीएम ने परियोजना निदेशक को जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
डीएम को दिए शिकायतीपत्र में सलोन क्षेत्र के मटका गांव निवासी मतना देवी ने आरोप लगाया है कि उसके पति मिश्रीलाल पुत्र गंगादीन के नाम तीन सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किया गया था।
आरोप है कि प्रधान और सचिव ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये न देने पर गांव के ही मिश्रीलाल पुत्र गंगा प्रसाद से सुविधाशुल्क लेकर आवास का लाभ दे दिया गया, जबकि सूची में मिश्रीलाल पुत्र गंगा प्रसाद का नाम भी दर्ज नहीं है।
महिला ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही आवास दिलाने की मांग की है। डीएम नेहा शर्मा ने पीडी को मामले की जांच कराकर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
दोषियों के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई
मामले की पूर्व में ऑनलाइन शिकायत की गई थी। सलोन के खंड विकास अधिकारी ने एडीओ (आईएसबी) से मामले की जांच कराई तो मामला पकड़ में आ गया। बीडीओ ने बीती 11 फरवरी को पीडी को जांच रिपोर्ट भेजकर अवगत कराया कि त्रुटिवश ऐसा हो गया था। खास बात यह कि अब तक मामले में दोषियों के खिलाफ बीडीओ के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जिसके नाम आवास स्वीकृत हुआ है, उसके अलावा किसी और को पीएम आवास का लाभ नहीं दिया जा सकता है। यदि ऐसा है तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच कराई जाएगी।
प्रेमचंद्र पटेल, पीडी डीआरडीए