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दूध नहीं पी रहे पानी, खोया व छेना खाने योग्य नहीं, 15 नमूने फेल

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रायबरेली। जिले में दुकानों पर बिक रहे खाद्य पदार्थ मानकों पर खरे नहीं हैं। विधि विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ की जांच में दूध के फेल चार नमूनों में पानी की मिलावट मिली है। खोेये के सात नमूनों में फैट की मात्रा कम मिली है। छेना की मिठाई भी मानकों पर खरी नहीं मिली है। जांच में 15 नमूने फेल आने के बाद दुकानदारों को नोटिस देकर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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एफएसडीए की टीम ने फरवरी व मार्च में खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच को भेजे थे। शहर के सिविल लाइन स्थित खालसा स्वीट्स के खोये का नमूना जांच में फेल मिला है। घोसियाना के राकेश गुप्ता, बछरावां के अशोक कुमार, बिसुनपुर के परमानंद पटेल, सागर स्वीट्स बछरावां, यादव मिष्ठान भंडार लालगंज, ओम प्रकाश मुराईबाग के खोवे का नमूना भी जांच में फेल हो गया है।

खजूरगांव के राम सजीवन, सवैयाराजे के अरविंद सिंह, ठकुराई खेड़ा के अरविंद कुमार, पूरे माधव बख्श के राहुल के दूध का नमूना भी फेल हो गया है। लालगंज में राजेश कुमार की मिठाई की दुकान से छेना का नमूना भी मानकों को पूरा नहीं कर सका।
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उधर, एफएसओ अरुण कुमार ने जगतपुुर के भटपुरवा में विमल चंद्र की दुकान से एडेबुल फैट का नमूना भरा था। जांच में खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाया गया। दुकानदार और एडेबुल फैट के निर्माता आनंदेश्वर फूड्स प्रोडक्ट्स कानपुर को नोटिस दिया गया है।

इसके अलावा रंगीन कचरी का नमूना असुरक्षित होने पर सेमरी निवासी रमाकांत गुप्ता व बघौला निवासी सुभाषचंद्र को नोटिस दिया गया है। एफएसडीए अभिहित अधिकारी ने बताया कि 15 खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट आ गई है। इसमें तीन नमूने असुरक्षित घोषित किए गए। 12 नमूने फेल आए हैं।
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