अव्यवस्थाओं के बीच श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
गंगा घाटों में फैली रही गंदगी, जाम से जूझे स्नानार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
डलमऊ (रायबरेली)। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को डलमऊ के गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विभिन्न घाटों पर करीब 10 हजार से ज्यादा स्नानार्थियों ने डुबकी लगाई। घाटों पर पर्याप्त सुविधाएं न होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान लोगों ने गंगा तट पर मुंडन आदि भी कराया। मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद प्रसाद वितरित किया। भीड़ से निपटने के लिए तहसील व पुलिस प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किए, जिससे भक्तों को गर्मी में जाम की समस्या से जूझना पड़ा। इसी तरह ऊंचाहार के गोकनाघाट, सरेनी के गेगांसो घाट में भी भक्तों ने गंगा में डुबकी लगाई।
डलमऊ गंगा तट के सड़क घाट, किला घाट, रानी शिवाला घाट, संकटमोचन घाट, पक्का घाट, पथवारी घाट, महावीरन घाट पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट के किनारे स्थित देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना की और दान दक्षिणा भी दी। हर पूर्णिमा को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन नगर पंचायत की सुविधाएं ऊंट के मुंह में जीरा के सामान रहती हैं। भीषण गर्मी के चलते श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ा। कहीं सड़कों पर भरा नालियों का गंदा पानी और कीचड़ तो कहीं नगर पंचायत की सड़कों के किनारे कंटीली झाड़ियों से लोग दो चार हुए। सड़क की पटरी के किनारे बने गड्ढों में गिरकर कई लोग घायल हुए। रूट डायवर्जन की कोई व्यवस्था नहीं की गई, इससे स्नानार्थियों को घंटों जाम की समस्या से जूझना पड़ा। स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
इनसेट
श्रद्धालु के कपड़े हो गए चोरी
पूरे लालता मजरे देवकली गांव निवासी दिनेशचंद्र गंगा स्नान करने आया था। कपड़े उतारकर वह स्नान करने चला गया। जब वलौटा तो उसके कपड़े गायब मिले। पीड़ित ने बताया कि उसके पैंट की जेब में दो हजार रुपये व मोबाइल था। वह भी चोरी हो गया। पीड़ित ने घाटों में भीख मांग रही तीन महिलाओं के खिलाफ तहरीर दी है। इसी तरह कई और लोगों के कपड़े व नकदी चोरी हो गई। स्नान पर उच्चके अपना करते रहे और पुलिस सुरक्षा के नाम पर खानापूरी करती रही।