खीरों फीडर के केबल में फॉल्ट आने के बाद ब्लॉक क्षेत्र की डेढ़ लाख की आबादी 72 घंटे से बिजली के लिए तरस रही है। हालात यह हैं कि बिजली से चलने वाले उद्योग धंधे ठप हो गए हैं।
वहीं छात्र-छात्राओं की पढ़ाई-लिखाई भी चौपट हो रही है। यही नहीं शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जाता है। शहर में त्रिपुला ट्रांसमिशन के पास भूमि के अंदर दबी खीरों फीडर के केबल में रविवार सुबह फॉल्ट आ गया।
खीरों फीडर से खीरों और देवगांव दो उपकेंद्रों के जुड़े खीरों, अतरहर, देवगांव, निहस्था, सेमरी, पाहो, केतनापुर, भीतरगांव, केतनापुर, रमुवापुर, अजीतपुर, दिगपालगंज, दुमटहर समेत 51 गांवों को आपूर्ति की जाती है।
हालांकि अफसरों ने दावा किया था सोमवार दोपहर तक फॉल्ट ठीक कर लिया जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मंगलवार को कर्मचारी फॉल्ट ठीक कर सके।
इसके बाद देर शाम करीब चार बजे लाइन की जांच के लिए आपूर्ति शुरू की गई, लेकिन लाइन नहीं चल सकी। केबल में फिर से खराबी आ गई। इस तरह तीन दिन से क्षेत्र की डेढ़ लाख आबादी अंधेरे में है।
क्षेत्र के दुमटहर के रामशरण पांडेय, सेमरी के अमर बहादुर, रमुवापुर के संजय तिवारी, खीरों के सुनील तिवारी, भीतरगांव के राम खेलावन यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने पावर कॉर्पोरेशन के खिलाफ नाराजगी जताई।
कहा कि इस परेशानी के जिम्मेदार विभागीय अधिकारी हैं। लाइनों से लेकर अन्य सभी संसाधन जर्जर हो गए हैं। बावजूद उनसे काम लिया जा रहा है। यही वजह है कि आए दिन फॉल्ट आ जाता है। इसका दंश जनता को झेलना पड़ता है।
एसडीओ गोराबाजार उमेश सिंह ने बताया कि त्रिपुला के पास अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट आ गया था। मंगलवार को फॉल्ट ठीक करके लाइन की जांच के लिए आपूर्ति शुरू की गई। इसी दौरान केबल में फिर से खराबी आ गई।