रायबरेली। मनरेगा की गाइड लाइन को ताक पर रखकर सामग्री परचेज में 3.95 करोड़ अधिक भुगतान के प्रयास में जुटे सात ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों ने डीएम नेहा ने नोटिस थमा दिया है।
उन्होंने सात दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं। डीएम खंड विकास अधिकारियों के साथ ही ब्लॉकों के लेखाकारों व सहायक लेखाकारों को भी चेताया है। डीएम के गंभीर होने के बाद ब्लॉकों में मनरेगा में मनमानी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
मनरेगा की गाइड लाइन के अनुसार श्रम में 60 प्रतिशत धनराशि खर्च करने के बाद 40 प्रतिशत धनराशि सामग्री की परचेज में खर्च किया जा सकता है।
ऐसा न करने पर गाइडलाइन का उल्लंघन माना जाएगा। वित्तीय वर्ष का अंतिम महीना चल रहा है, लेकिन जिले के सात ब्लॉक मनरेगा की गाइडलाइन के विपरीत काम करके धन खर्च करने में जुटे हैं।
जिले के जगतपुर, सलोन, राही, रोहनियां, खीरों, हरचंदपुर, ऊंचाहार गाइड लाइन के विपरीत काम करके सामग्री पर अधिक धन खर्च करने का प्रयास कर रहे हैं।
मामले में डीएम ने गंभीर रुख अपनाते हुए सातों ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को नोटिस दी है। सात ही चेतावनी दी कि मनरेगा की गाइड लाइन के विपरीत भुगतान किया गया तो कठोरात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने खंड विकास अधिकारियों को सात दिन में जवाब देने के आदेश दिए हैं।
इन ब्लॉकों में सामग्री में अधिक भुगतान का खेल
ब्लॉक का नाम अधिक भुगतान का प्रयास (लाखों में)
जगतपुर 124.07
सलोन 131.69
राही 51.00
ऊंचाहार 44.43
रोहनियां 23.54
खीरों 16.76
हरचंदपुर 3.77
मनरेगा की गाइड लाइन के विपरीत सामग्री मद के भुगतान के प्रयास को डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने सात ब्लॉकों के बीडीओ को नोटिस देकर सात दिन जवाब देने के आदेश दिए हैं।
पवन कुमार सिंह, उपायुक्त (मनरेगा)