रायबरेली। तमाम प्रयास के बाद भी स्वास्थ्य विभाग बजट खर्च कर पाने में सफल नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य महानिदेशक और डीएम के नाराज होने के बाद अब विभाग ने बजट को ठिकाने लगाने के लिए अभियान शुरू किया है।
यह अभियान 15 दिन चलेगा। अभियान के दौरान 11 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग से जिले को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी और योजनाओं के संचालन के लिए करोड़ों रुपये दिए गए। बार-बार प्रयास करने के बाद भी जिले में बजट समय से खर्च नहीं हो पा रहा है।
मच्छरजनित रोगों से लोगों को बचाने के लिए दो करोड़ से अधिक की धनराशि दी गई, लेकिन बजट खाते में ही डंप है। यह धनराशि विभाग खर्च नहीं कर पाया है।
ग्रामीण संस्थागत प्रसव का करीब 51 लाख खर्च नहीं हो सका है। नौ करोड़ से अधिक की धनराशि अन्य योजनाओं व कार्यक्रमों के लिए जिले को मिली, लेकिन अब तक पूरी धनराशि खर्च नहीं हो सकी।
मामले में शासन स्तर पर बैठक में उच्चाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला योजना समिति की बैठक में डीएम ने भी नाराजगी जताते हुए बजट को खर्च करने के निर्देश दिए।
बार-बार फटकार के बाद अब स्वास्थ्य विभाग बजट को खर्च करने में जुट गया है। इसके लिए विशेष अभियान 15 दिन का शुरू किया गया है।
इस अभियान में डंप धनराशि को शत प्रतिशत खर्च करने की मंशा है। सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि अभियान में शत प्रतिशत धनराशि को खर्च करने के आदेश दिए गए हैं। बजट खर्च न कर पाने वाले सीएचसी अधीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।