एनटीपीसी हादसा : दिल्ली से फिर आ धमकी जांच टीम, धमाके वाली यूनिट की पड़ताल
रायबरेली। एनटीपीसी हादसे के लिए लापरवाही, घटिया कोयला, उपकरणों की खराब गुणवत्ता या फिर समय से पहले चलाया जाना कारण है या फिर कोई और वजह। यह सब जानने के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम सोमवार शाम यहां एक बार फिर आ धमकी है। दिल्ली से फ्लाइट से लखनऊ और फिर वहां से सड़क मार्ग से सीधे एनटीपीसी पहुंचने के बाद धमाके वाली यूनिट नंबर छह की पड़ताल शुरू की। आश्चर्य इस बात का है कि टीम के ऊंचाहार पहुंचने तक एनटीपीसी के किसी अधिकारी को भनक तक नहीं लगी। जांच टीम ने धमाके वाली यूनिट की नए सिरे से पड़ताल की, जो देर रात तक जारी रही।
एनटीपीसी में 1 नवंबर को हुए हादसे के बाद के अधिशासी निदेशक एसके राय, महाप्रबंधक यांत्रिक उद्यन कुमार एवं वरिष्ठ अधिकारी एके समायर की टीम 4 नवंबर को यहां जांच करने आई थी। एक सप्ताह तक पड़ताल करने के बाद 10 नवंबर को टीम दिल्ली लौट गई थी। यह टीम दो दिन बाद सोमवार को फिर धमाके वाली यूनिट की जांच के लिए ऊंचाहार एनटीपीसी पहुंच गई है। टीम ने ऊंचाहार एनटीपीसी के किसी अधिकारी से कोई संपर्क नहीं किया। टीम फ्लाइट से लखनऊ पहुंची और वहीं से वाहनों की व्यवस्था करके देर शाम ऊंचाहार पहुंच गई। तीन सदस्यीय जांच टीम के साथ कई और लोग भी हैं। टीम सीधे यूनिट नंबर छह पहुंचे और वहां की जांच शुरू की।
एनटीपीसी सूत्रों का कहना है कि अधिशासी निदेशक की अध्यक्षता में बनी जांच टीम और ऊर्जा मंत्रालय से आई जांच टीम की रिपोर्टों में कुछ न कुछ अंतर जरूर है। यही वजह है कि ऊर्जा मंत्रालय की केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण टीम के जाते ही दूसरी टीम यहां फिर यहां पड़ताल के लिए आ गई है। इस टीम ने न सिर्फ बॉयलर विस्फोट की वजह जानने का प्रयास किया, बल्कि यह भी जानने की कोशिश की कि क्या बॉयलर के फर्नेस में जमा क्लिंकर सफाई के दौरान हॉपर में जाकर फंस गया था। इससे विस्फोट हुआ या फिर कोई और वजह है। सूत्रों का कहना है कि अभी यह टीम कई दिन रहकर पिछली जांच में रह गई चूकों को फिर पड़ताल करके पूरा करेगी।
एनटीपीसी ने नहीं दी जांच रिपोर्ट : एडीएम
मजिस्ट्रेटी जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त किए गए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. राजेश प्रजापति को अभी तक एनटीपीसी ने जांच रिपोर्ट और न ही कोई दस्तावेज दिया है। इस वजह से मजिस्ट्रेटी जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। एडीएम का कहना है कि एनटीपीसी को घटना से संबंधित रिपोर्ट जल्दी देने के लिए कहा गया है। इसके बावजूद यदि रिपोर्ट नहीं मिलती है तो लिखापढ़ी की जाएगी।