इस बार बदलेगी फिजा, मैदान में भिड़ेंगे धुरंधर
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। निकाय चुनाव का शंखनाद हो चुका है। इस बार चुनावी फिजा जिले में बदली नजर आएगी। वजह इस बार पार्टियों की ओर से सिंबल पर चुनाव लड़ने की रस्साकसी जारी है, लेकिन अभी तक किसी पार्टी ने टिकट फाइनल नहीं किए हैं। वर्ष 2012 में हुए निकाय चुनाव पर नजर डालें तो दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में ताल ठोंकी थी। पर इतना जरूर रहा कि उन्हें किसी न किसी पार्टी का समर्थन रहा। जिले में एक नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों के लिए 29 नवंबर को चुनाव होना है, जबकि यहां पर चार नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।
पहले बात रायबरेली नगर पालिका की जाए तो यहां पर वर्ष 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मो. इलियास ने जीत हासिल की थी। हालांकि उन्हें समाजवादी पार्टी का समर्थन प्राप्त था। इसी तरह नगर पंचायत महराजगंज में समाजसेवी प्रभात साहू की पत्नी सरला साहू ने नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीता था। उन्हें भी सपा का समर्थन प्राप्त था। इस बार वे भाजपा से टिकट से चुनाव लड़ने के लिए जोरआजमाइश कर रही हैं। सलोन नगर पंचायत में वर्ष 2012 के निकाय चुनाव में मो. सऊद ने चुनाव जीतकर अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा किया था। वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े थे पर वे भी सपा समर्थित थे। इस बार भी वे चुनाव लड़ने के लिए जुट गए हैं। ऊंचाहार नगर पंचायत में वर्ष 2012 में प्रमोद गुप्ता ने चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीता था। उन्हें किसी पार्टी का समर्थन नहीं था। इसी तरह अन्य नगर पंचायतों में भी निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। पर इस बार चुनावी फिजा बदली सी नजर आ रही है। सपा, कांग्रेस, भाजपा, बसपा की ओर से पार्टी सिंबल पर चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है पर अभी किसी पार्टी की ओर से कोई दावेदार घोषित नहीं किया गया है। नतीजतन दावेदारों को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। माना जा रहा है कि नामांकन प्रक्रिया से पहले ही जल्द दावेदारों की घोषणा कर दी जाएगी।
कहां पर किसको कितने मिले वोट, कौन था विजेता
रायबरेली। वर्ष 2012 के चुनाव में नगर पालिका रायबरेली में कुल 15 दावेदार थे। इसमें मो. इलिायस ने जीत हासिल की थी। इलियास को 15689 मत मिले थे। जबकि दूसरे दावेदार राजकुमार चौधरी को 14184, विजय रस्तोगी को 12025, महादेव गुप्ता को 10022, बसंत सिंह बग्गा को 5701 मत मिले थे। इसी तरह वर्ष 2012 में नगर पंचायत सलोन में कुल 12 वार्ड थे। इस बार भी 12 वार्ड ही हैं। वर्ष 2012 चुनाव में कुल 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, जिसमें चेयरमैन पद के लिए कुल 7069 मत पड़े थे। इसमें 209 मत अवैध घोषित हुए थे। मो. सऊद ने जीत हासिल की थी। मो. सऊद को 1845, मोहम्मद अशफाक को 1315 मत, अख्तर शमीम को 991 मत, चंद्रशेखर रस्तोगी को 890 मत, अंजनी कुमार को 443 मत, शेर अली को 355 मत, निजामुद्दीन को 294 मत, मोहम्मद फहीम को 232 मत, मोहम्मद अनस को 125 मत, सुधीर कुमार को 78 मत, संतोष कुमार को 74 मत मिले थे। इसी तरह मीनाक्षी रेनू को 45 मत, सुनील कुमार को 41 मत, राधेश्याम को 41मत, मुश्ताक अहमद को 37 मत, बेनी प्रसाद गुप्त को 33 मत, अजय कुमार रस्तोगी को 17 मत, शहनाज बानो को चार मत मिले थे। 2012 के चुनाव में मोहम्मद सऊद प्रथम स्थान पर रहकर 530 मतों से विजई घोषित किए गए थे।
उधर, नगर पंचायत परशदेपुर में कुल 10 वार्ड थे, जिसमें अध्यक्ष पद के लिए आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। चेयरमैन पद के लिए 5520 मत पड़े थे, जबकि 177 मत अवैध घोषित हुए थे। 5343 वैध घोषित हुए थे, जिसमें 1530 मत जमाल अख्तर को मिले थे। विनोद कौशल को 1318, मक्खन मोदनवाल को 519, महेश शंख को 320 मत, मौलाना हल को 897, इस्माइल को 688 मत मिले थे। बछरावां नगर पंचायत के 2012 के चुनाव में अध्यक्ष पद पर मायादेवी 1983 मत प्राप्त कर विजई हुई थी। दूसरे नंबर पर निर्दलीय राममनोहर 1957 व तीसरे नंबर पर पल्टूदास थे। पल्टूदास को 1500 मत मिले थे। वर्ष 2012 में ऊंचाहार नगर पंचायत से कुल 11 प्रत्याशी मैदान में थे। इसमें 6171 मत पड़े थे। चुनाव में प्रमोद गुप्ता ने बाजी मारी थी। उनको 2060 मत मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी नाजिर हैदर को 1187 वोट मिले थे। नजमुल हसन 878 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद सल्लन 701 मतों के साथ चौथा स्थान मिला था। निर्दल शाहीन सुल्तान पांचवें व सुशीला मौर्या 468 मतों के साथ छठे नंबर पर थी।
नगर पंचायत महराजगंज के लिए हुए चुनाव में सरला साहू को 2153 व जायरूननिशां को 978, भाजपा की आद्या कौर को 670 मिले थे। सरला साहू ने जीत हासिल की थी। डलमऊ नगर पंचायत में वर्ष 2012 के चुनाव में कंचन श्रीवास्तव को 1350, जबकि उनके निकटम प्रतिद्वंद्वी रेखा गौड़ को 1289 मत मिले थे। इसमें कंचन श्रीवास्तव ने जीत हासिल की थी। इसके अलावा नीलम गुुप्ता को 561, राजकिशोरी मिश्रा को 167 मत मिले थे।