भाइयों की कलाई पर सजेंगी बनारसी व राजस्थानी राखियां
रायबरेली। भाई-बहन के अटूट रिश्तों की डोर को मजबूत करनेे के लिए इस बार बनारसी और राजस्थानी राखियों से बाजार सज गया है। रेशम के धागे पर इस बार स्टोन नग पिरोई राखियां सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हैं। सराफा की दुकानों में चांदी की राखियां भी उपलब्ध हैं। पर्व को लेकर शहर और कस्बों में राखियों का बाजार सज गया है। बहनों को लुभाने के लिए आकर्षक और डिजाइनर राखियां उपलब्ध हैं। खास बात ये है कि बाजार में इस बार चाइनीज राखी ज्यादा नहीं दिख रही है।
शहर में राखियों का प्रमुख बाजार सुपर मार्केट, घंटाघर, कैपरगंज, डिग्री कॉलेज चौराहे, रतापुर, पुलिस लाइंस चौराहे इलाके में सजा हुआ है। इसके अलावा बस स्टेशन, अस्पताल चौराहे, रेलवे स्टेशन, सिविल लाइंस आदि इलाकों में भी दुकानें लगी हैं। पर्व नजदीक आने के साथ ही दुकानों में खरीदार उमड़ने लगे हैं। इससे सुबह से लेकर शाम तक चहल-पहल बनी रहती है। सुपर मार्केट में राखी की दुकान सजाए मोनू, संतराम कुमार, राजन चौरसिया का कहना है कि बाजार में पांच रुपये से लेकर 600 रुपये तक की राखियां हैं। पांच रुपये में धागे से बानी राखी है, जबकि 20 से 50 रुपये तक में रेशमी और सूती धागों के अलावा फैंसी डोरियां भी मिल रही हैं। 20 से 600 रुपये में मोतियों और स्टोन नगर से पिरोई गई राखियां हैं। दुकानदारोें का कहना है कि बनारसी और राजस्थानी राखियां भी आई हैं, जिन्हें लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऊंचाहार प्रतिनिधि के अनुसार बनारस की राखियां बाजार में धूम मचा रही हैं। इस बार चाइनीज राखियों का विरोध बाजारों में लगी राखी की दुकानों मे साफ-साफ दिख रहा है। बनारस की राखियों में रेशमी धागे से बनी रंगबिरंगी राखियां अधिक बिक रही है। ऊंचाहार के दुकानदार अजमेरी ने बताया कि चाइनीज राखियों को इस बार हम लोग नही खरीद रहे हैं। बनारस से बनी राखियों को बेंचा जा रहा है। इसमें 15 प्रति राखी से लेकर 150 रुपये तक की कीमत की राखी है।