इंटरमीडिएट में गृह विज्ञान की परीक्षा में भी शुक्रवार को 300 बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी। हालांकि दूसरे दिन भी सचल दस्तों ने प्रयास किया, लेकिन कहीं एक भी नकलची पकड़ में नहीं आया।
बोर्ड परीक्षा में 85,091 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। इसमें 77,948 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। इसमें इंटरमीडिएट में 35389 में 33106 और हाईस्कूल में 49702 में 44842 परीक्षार्थी शामिल हुए।
हाईस्कूल में 4860 और इंटरमीडिएट में 2283 बच्चों ने परीक्षा नहीं दी। शुक्रवार को प्रथम पाली में इंटरमीडिएट में गृह विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा थी। इसमें 4945 बच्चों को शामिल होना था, जिसमें 4645 परीक्षार्थी शामिल हुए। 300 परीक्षार्थियों ने गृह विज्ञान की परीक्षा नहीं दी।
परीक्षा केंद्रों पर सख्ती होने व नकल करते पकड़े जाने पर केस दर्ज कराए जाने के निर्देश और अन्य कई कारणों से तमाम परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इस बार नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए सभी बीडीओ व तहसीलदारों को सेक्टर मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
सभी एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट बनाया गया है। इसके अलावा डीआईओएस की ओर से भी अलग से छह सचल दस्ते बनाए गए हैं। इसके बावजूद गुरुवार की तरह शुक्रवार को भी एक भी नकलची पकड़ में नहीं आया।
स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात, पर्यवेक्षक लगेंगे
नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए आठ स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। ये मजिस्ट्रेट बदनाम परीक्षा केंद्रों के साथ ही ऐसे परीक्षा केंद्रों पर नजर रखेंगे, जहां सामूहिक नकल कराए जाने की आशंका है। कई परीक्षा केंद्रों को चिह्नित किया गया है, जहां पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। सख्ती बढ़ने के बाद नकल कराने में माहिर केंद्र व्यवस्थापकों में बेचैनी है।
दूसरे दिन भी सिम व शिक्षकाें ने दिया धोखा
शासन को एप के माध्यम से परीक्षार्थियों की हाजिरी भेजने के लिए केंद्र व्यवस्थापकों को दिए गए सिमकार्ड शुक्रवार को भी किसी काम नहीं आए। बार-बार प्रयास के बाद भी एसएमएस नहीें भेजा जा सका। यही नहीं पहले दिन की ही तरह दूसरे दिन भी कक्ष निरीक्षक परीक्षा केंद्रों पर नहीं पहुंचे, जिससे किसी तरह परीक्षाएं कराई गईं।
चिह्नित होंगे बदनाम केंद्र
सख्ती होने के कारण 7143 बच्चों ने परीक्षा छोड़ी है। किसी को भी नकल करने और कराने की छूट नहीं दी जाएगी। बदनाम केंद्रों को चिह्नित किया गया है। इन केंद्रों पर पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। नकल पकड़ में आने पर केंद्र व्यवस्थापकों को हटाया जाएगा। केंद्र को डिबार भी किया जाएगा।
-डॉ. विनय मोहन, डीआईओएस