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सराफा व्यवसायी की रस्सी से गला दबाकर हत्या

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रायबरेली। शहर के कैपरगंज में एक सराफ की शुक्रवार रात रस्सी से गला घोटकर हत्या कर दी गई। मामले को आत्महत्या का रूप देेने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया।
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खबर पाकर एसपी सुनील कुमार सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंच सुबूत जुटाए। मामले में बेटे की तहरीर पर जमीन विवाद में एक व्यक्ति के खिलाफ हत्या करने का केस दर्ज किया गया है।


सोनार गली, कैपरगंज निवासी राजकुमार वर्मा की यहीं पर आभूषणों की दुकान है। दुकान में पीछे की तरफ बैठने के लिए कमरा भी बना है।


शुक्रवार रात करीब दस बजे राजकुमार का शव कमरे के अंदर हुक से रस्सी के सहारे संदिग्ध हालात में लटकता मिला। उसके पैर जमीन में छू रहे थे।


जानकारी होने पर कोतवाल अतुल सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय सिंह ने मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया। खबर पाकर आसपास के कई व्यापारी भी मौके पर जुट गए और घटना पर आक्रोश जताया।
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कोतवाल ने बताया कि बेटे अर्जुन राम वर्मा की तहरीर पर खुशीराम के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज कराया गया है। बेटे का आरोप है कि खुशीराम से जमीन खरीद-फरोख्त को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद में खुशीराम ने उनके पिता की हत्या कर दी।


आखिर कमरे के अंदर घुसने वाले दो व्यक्ति कौन थे...
सराफ की हत्या बहुत की सुनियोजित तरीके से की गई। जिस कमरे में व्यवसायी बैठा था, मर्डर से पहले उस कमरे में लगे सीसीटीवी फुटेज के तार काट दिए गए थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके।


हालांकि मृतक की दुकान के पास की दूसरी दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। फुटेज के मुताबिक दो व्यक्ति कमरे के अंदर घुसे थे।


उनके लिए चाय-नाश्ता भी ले जाया गया था। इसके बाद दोनों व्यक्ति कुछ देर बाद एक-एक कर निकले थे। उन्होंने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था। इससे जाहिर है कि जो भी कमरे के अंदर घुसे थे, वह सराफ के काफी परिचित थे। यही वजह थी कि सराफ ने उनके साथ चाय-नाश्ता किया था।


क्यों बार-बार स्कूटी चेक कर रहे थे
सीसीटीवी फुटेज में यह बात भी सामने आई है कि मृतक से मिलने के लिए कमरे में पहुंचे दोनों लोग कई बार स्कूटी को चेक कर रहे थे। यह स्कूटी मृतक की बताई जा रही है।


कई बार स्कूटी खोली भी गई थी। ऐसे में पुलिस स्कूटी के जरिए यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर स्कूटी चेक करने की असल में क्या वजह रही।


आठ घंटे बाद हुई हत्या की जानकारी, जांच के दायरे में नौकर
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का मानना है कि दोपहर एक बजे दो व्यक्ति कमरे के अंदर घुसे थे और करीब एक घंटे बाद दो बजे के आसपास एक-एक कर बाहर निकले थे।


ऐसे में जाहिर है कि इसी दौरान व्यवसायी की हत्या कर दी गई थी। बावजूद इसके व्यवसायी का शव फंदे पर लटके होने की जानकारी रात करीब दस बजे होती है। ऐसे में तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। दुकान का नौकर भी जांच के दायरे में है। नौकर पूछताछ में बार-बार अपने बयान बदल रहा है। व्यवसायी की हत्या से परिवारीजनों में कोहराम मचा है।
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