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रायबरेली का किला फतह करने के लिए राजनीतिक दलों ने बनाई चुनावी रणनीति

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डेमो
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रायबरेली में आचार संहिता लागू होने के बाद गांधी परिवार के गढ़ में चुनावी सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। चुनावी किला फतह करने के लिए राजनीतिक दलों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। सपा, बसपा ने पहले ही यहां पर प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में न उतारने का एलान किया है। ऐसे में प्रमुख रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं। दोनों दलों के नेताओं का प्रयास है कि अधिक से अधिक वोट इस बार हासिल किए जाए।

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कांग्रेसियों का प्रयास है कि इस बार सांसद सोनिया गांधी को रिकार्ड मतों से जीत दिलाई जाए। वहीं भाजपाइयों का प्रयास है कि इस बार गांधी परिवार के गढ़ में सेंध लगाते हुए पार्टी प्रत्याशी को चुनाव जिताकर 1977 लोकसभा के चुनाव का इतिहास दोहराया जाए। 1977 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी यहां से चुनाव हार गई थी।

आचार संहिता लागू होने के बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता वोटरों को अपने पाले में करने के लिए रणनीति बना रहे हैं। सोमवार को कांग्रेस, भाजपा कार्यालय में चहल-पहल दिखी। नेताओं का आना जाना लगा रहा। हालांकि सपा कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। माना जा रहा है कि कोई प्रत्याशी न उतारे जाने से सपा में चुनाव को लेकर यहां पर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी।

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सोनिया को भारी बहुमत से जिताने का संकल्प

सोनिया गांधी
कांग्रेस सोनिया गांधी को पांचवी बार चुनाव जिताने के लिए पूरी जोर आजमाइश कर रही है। यही वजह है कि सोमवार को तिलक भवन स्थित पार्टी कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।

चुनाव के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि इस बार अधिक से अधिक वोटरों को बूथ तक पहुंचाने का प्रयास किया जाए, ताकि इस बार रिकार्ड मतों से सोनिया गांधी को चुनाव जिताया जा सके। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चुनावी गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जाए।

विरोधियों की हर चाल पर भी नजर रखी जाए, ताकि किसी तरह का चुनाव में नुकसान होने सके। इस मौके पर प्रवक्ता अभय त्रिवेदी, राजकुमार दीक्षित मौजूद रहे।
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प्रयास है कि इस बार जिले में खिले कमल

बीजेपी
गांधी परिवार के गढ़ को भेदने के लिए भाजपा इस पर पूरी तरह से जुटी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आचार संहिता लागू होने के पहले ही यहां पर चुनावी बिगुल फूंक चुके हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद सोमवार को पार्टी कार्यालय में चहल-पहल दिखी।

पार्टी कार्यालय में मौजूद पूर्व जिलाध्यक्ष पशुपतिशंकर वाजपेयी ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की और चुनाव को लेकर मैदान में उतरने का आह्वान किया। कहा कि इस बार पार्टी चुनाव में जरूर जीत हासिल करेगी।

पदाधिकारी व कार्यकर्ता मिलकर अधिक से अधिक वोटरों को बूथों तक पहुंचाए। भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव पाल ने कहा कि चुनाव को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर लोगों से पार्टी का सपोर्ट करने का आह्वान किया गया है।
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