989 गांवों में बनेंगे खाद के पिट
रायबरेली। गांवों में श्रमिकों को रोजगार देने के साथ ही अब मनरेगा से किसानों व पशुपालकों के हितों के लिए भी काम कराने की तैयारी है। सभी ब्लॉकों की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में पशु आश्रय केंद्र स्थापित करने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा बर्मी और कंपोस्ट खाद को बढ़ावा देने के लिए सभी 989 गांवों में पांच-पांच किसानों के लिए बर्मी व कंपोस्ट खाद के लिए गड्ढे भी बनवाए जाएंगे। गांवों की चारागाह जमीन का विकास कराने के साथ ही ग्राम पंचायत की जमीनों की मेड़बंदी भी मनरेगा से कराने के आदेश दिए गए हैं।
मनरेगा योजना में अधिक से अधिक श्रमिकों को गांवों में ही रोजगार देकर उनके पलायन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। गांवों में मनरेगा से काम कराने के साथ ही प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण में काम करने वाले श्रमिकों को भी मनरेगा से ही भुगतान देने के आदेश हैं। अब किसानों और पशुपालकों के लिए भी मनरेगा से काम कराने की व्यवस्था कर दी गई है। पहले चरण में सभी 18 ब्लॉकों में पांच-पांच पशु आश्रय केंद्र बनाने के लिए इस्टीमेट मांगे गए हैं। जिले में कुल 90 केंद्र बनाए जाएंगे।
इसके अलावा बर्मी और कंपोस्ट खाद को गांवों में बढ़ावा देने का भी प्रस्ताव है। सभी गांवों में बर्मी व कंपोस्ट खाद तैयार करने के लिए पांच-पांच गड्ढे बनवाने के आदेश दिए गए हैं। गांवों के आरक्षित चारागाह की भूमि का विकास कराया जाएगा। ऐसा होने से चरागाहों पर मौजूद कब्जों को भी हटाया जाएगा। ग्राम पंचायत की जमीनों की मेड़बंदी करके उन्हें सुरक्षित कराया जाएगा।
सभी बीडीओ को प्रस्ताव तैयार करने के आदेश
ग्राम पंचायतों में मनरेगा से पशु आश्रय केंद्रों की स्थापना के साथ ही बर्मी व कंपोस्ट खाद के पिट बनवाने के लिए इस्टीमेट तैयार करके उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए उपायुक्त मनरेगा ने सभी बीडीओ को पत्र जारी करके तत्काल काम शुरू कराकर प्रस्ताव उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। हर गांव में कम से कम एक हजार मानव दिवस भी सृजित करने के आदेश भी दिए गए हैं।
गांवों में श्रमिकों को 100 दिन रोजगार देने के साथ ही किसानों और पशुपालकों की सुविधाओं के लिए गांवों में मनरेगा से काम कराने के प्रस्ताव मांगे गए हैं। इससे मनरेगा से लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही किसानों व अन्य लोगाें को भी लाभ मिलेगा। जो भी प्रस्ताव पहले आएंगे, उन्हें पहले पास करके काम शुरू कराया जाएगा।- अनिल कुमार सिंह, उपायुक्त (मनरेगा)