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राजकीय हाईस्कूल सूची के प्रधानाचार्य का कारनामा

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राजकीय हाईस्कूल सूची के प्रधानाचार्य का कारनामा
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गैरमान्यता स्कूलों का कर रहे निरीक्षण, जांच के आदेश
क्रासर
बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की आड़ में कर रहे मनमानी
स्कूलों को चेक करते और फिर मिलने के लिए बुलाते
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। राजकीय हाईस्कूल सूची के प्रधानाचार्य राजेश यादव गैरमान्यता स्कूलों का निरीक्षण करके कार्रवाई करने के बजाय उनसे सेटिंग-गेटिंग कर रहे हैं। शनिवार को इसका खुलासा होने पर शिक्षा विभाग के अफसरों में हड़कंप मच गया। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरधारीलाल कोली ने प्रकरण के जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि जांच के बाद प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई होगी।
डीआईओएस ने प्रधानाचार्य राजेश यादव को 10 स्कूल चेक करके वहां पर बोर्ड परीक्षा की तैयारियों का निरीक्षण करके उसकी रिपोर्ट देने की बात कही थी। उनको सलोन क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण करना था। सरकारी स्कूलों के बजाय प्रधानाचार्य सिर्फ सलोन क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि शनिवार को कई गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंच गए। यही नहीं, गैरमान्यता प्राप्त स्कूलों में कार्रवाई करने के बजाय उनसे स्कूल में आकर मिलने की बात कही और चलते बने। सवाल ये उठता है कि जब उन्हें सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करके रिपोर्ट देने की बात कही थी तो गैर मान्यता स्कूल चेक करने कैसे पहुंच गए।
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गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का डीआईओएस निरीक्षण करते हैं तो फिर प्रधानाचार्य कैसे निरीक्षण कर रहे हैं। स्कूल संचालकों का कहना है कि धन ऐंठने के लिए ऐसा किया जा रहा था। प्रधानाचार्य राजेश यादव का कहना है कि जिला विद्यालय निरीक्षक के यहां से दिया गया उनके पास लेटर हैं, जिसमें गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण करके रिपोर्ट डीआईओएस को दी जाती है। इसमें सेटिंंग गेटिंग का सवाल कहां से आ गया। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक का कहना है कि प्रधानाचार्य राजेश यादव को यूपी बोर्ड की तैयारियों को लेकर सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने का आदेश दिया गया है। गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों का निरीक्षण वह कैसे कर सकते हैं। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच सही मिलने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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