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वाणिज्य कर अफसरों ने व्यापारियों की समस्याओं का किया समाधान

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वाणिज्य कर अफसरों ने समस्याओं का किया समाधान
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रायबरेली। वाणिज्य कर भवन में गुरुवार को जीएसटी को लेकर संगोष्ठी हुई। इसमें कई मुद्दों को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी में 20 लाख से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों के लिए पंजीकरण एच्छिक है। उसके ऊपर के टर्नओवर पर व्यापारियों का पंजीकरण अनिवार्य है। इस दौरान कपड़ा व्यापारियों के जीएसटी के दायरे में आने के बाद आ रही समस्याओं के भ्रम को दूर करने के लिए खास चर्चा हुई।
उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के सहयोग से वाणिज्य कर भवन में आयोजित संगोष्ठी में जिलाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा ने कपड़ा व्यापारियों के समक्ष आ रही समस्याओं का विस्तार से विवरण दिया। जिस पर उपायुक्त वाणिज्य कर सत्येंद्र गौतम ने बताया कि छूट के दायरे से बाहर व्यापारियों के लिए पंजीकरण एच्छिक है, उन पर अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाएगा। माल की खरीद व परिवहन के लिए वह पंजीकरण प्राप्त कर सकते हैं, वहीं 20 लाख से ऊपर व्यवसाय वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। सहायक आयुक्त वाणिज्य कर शैलेंद्र मौर्य ने कहा कि व्यापारियों के मध्य भ्रम की स्थिति है, जिसे दूर करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीएसटी मित्र अधिनियम (फ्रेंडली कर कानून) है, जिसमें व्यापारियों के उत्पीड़न की उम्मीद शून्य रहेगी। व्यापारियों को विभाग हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
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सहायक आयुक्त पूनम सिंह ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं ऑनलाइन हैं। इसमें सीधे पंजीकरण व लेखा की व्यवस्था है। किसी व्यापारी को कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया। संगोष्ठी में में जिला महामंत्री जावेद अहमद खान, नगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, जिला प्रभारी टास्क फोर्स मुकेश रस्तोगी, गुरजीत सिंह तनेजा, जीसी सिंह चौहान, श्याम रस्तोगी, राम बाबू गुप्ता, आदि व्यापारी उपस्थित रहे।
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