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खाकी के साए में सात साल बाद निकली शिव बारात

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खाकी के साए में सात साल बाद निकली शिव बारात
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परशदेपुर (रायबरेली)। आखिरकार सात साल बाद शिव भक्तों का इंतजार खत्म हुआ और गुरुवार को खाकी के साए में शिव बारात निकाली गई। न कोई शोरशराबा था और न ही अधिक भक्तों की संख्या थी। बस कुछ ही लोग जुटे और शिव बारात निकाली। इस दौरान बम-बम भोले के जयकारे थे। भक्तों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। डीएम व एसपी ने स्वयं सुरक्षा की कमान संभाली और मौके पर डटे रहे। सुरक्षा के मद्देनजर दुकानें तक बंद करा दी गई थी। लोगों के घरों पर ताले लटक रहे। छतों पर पुलिस के जवान तैनात थे। ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी गई। शिव मंदिर में शुक्रवार को मूर्ति स्थापना होगी। शिव बारात सकुशल संपन्न होने के बाद प्रशासन ने ली राहत की सांस ली।
परशदेपुर कस्बे में मेन चौराहा स्थित शिव मंदिर से गुरुवार को हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस के साए में शिव बारात निकली। सुबह आठ बजे मेन चौराहे पर स्थित शिव मंदिर में बनारस से आए राजगुरु मठ के पीठाधीश्वर दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती जी महराज ने पूजा अर्चना कर शिव बारात का शुभारंभ किया। शिव बारात मेन चौराहा स्थित शिव मंदिर से निकलकर पूरे काजी शिव मंदिर पहुंची। यहां पूजा पाठ करने के बाद शिव बारात अंसार चौक होते हुए जिल्ला बाजार स्थित शिव मंदिर से बरातीलाल पंडित के मंदिर से जूनियर हाईस्कूल के सामने शिव मंदिर से शुक्लाना मंदिर, साकेत नगर चौराहा होते हुए महाबीरन मोहल्ला स्थित शिव मंदिर से रामसागर मंदिर और यहां सेमाता मिढुरिन मदिर से कटरा बाजार शिवमंदिर, यहां से शीतला प्रसाद पंडा के मंदिर होते हुए फिर मेन चौराहे स्थित शिव मंदिर पहुंची।
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इसके बाद शिव भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर यजमान रमेश कौशल गुलाब, चंद्रवैश्य, राजू सिंह, विनोद कौशल, सुखबीर सिंह आदि मौजूद रहे। मुकदमे के याचीकर्ता विनोेद कौशल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए बहुत अच्छा है। शिव बारात निकली और अब शुक्रवार को शिव मंदिर में मूर्ति स्थापना की जाएगी। वर्ष 2010 में दो समुदाय के बीच विवाद होने पर शिव बारात नहीं निकल पाई थी।
जिलाधिकारी अभय सिंह, पुलिस अधीक्षक शिव हरि मीणा, अपर पुलिस अधीक्षक शशि शेखर सिंह ने सुबह ही पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया और तैनात पुलिस व पीएसी के जवानों को सख्त निर्देश दिए कि सुरक्षा में चूक न होने पाए। जिलाधिकारी ने साकेत नगर चौराहे पर खुली दुकानों को सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बंद करा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक अपनी टीम के साथ मेन चौराहे पर पहुंचे तो वहा कुछ महिला कांस्टेबल ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। इस पर डांट लगाते हुए कहा सभी लोग हेलमेट, जैकेट, डंडा व अपने हथियार साथ लिए रहेंगे और जहां जिसकी ड्यूटी लगी है, वह जवान वहीं पर रहेगा।

मौनी महराज को नहीं मिली इंट्री, समझाने पर हुए वापस
लगभग सुबह नौ बजे पुलिस प्रशासन को बाबूगंज सगरा आश्रम के मौनी महराज के शिव बारात में शामिल होने की सूचना मिली तो अफसरों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन डलमऊ एसडीएम प्रदीप कुमार, सलोन कोतवाल जीडी शुक्ला सलोन जायस रोड पर हवदहा तालाब के पास मौनी महराज को रोक दिया। साथ ही हाईकोर्ट का हवाला देते हुए शिव बारात में शामिल होने से मना कर दिया और ससम्मान रायबरेली जिले के बॉर्डर पार करा दिया। उधर, मौनी महराज ने कहा कि जब वर्ष 2010 में बवाल हुआ था, तब शिवमूर्ति गायब हो गयी थी। किसी तरह मूर्ति मिली तो प्रशासन ने वादा किया था कि जब भी मूर्ति की स्थापना होगी तब आप की मौजूदगी में होगी। इसलिए शिव बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश का मैं सम्मान करते हुए वापस जा रहा हूं। एएसपी ने बताया कि बताया की जो परमीशन है, सिर्फ ग्यारह लोगों की है। इसके अलावा कोई शिव बारात में शामिल नहीं हो सकता।
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दुकानें बंद होने से परेशान रहे दुकानदार
28 जुलाई को नागपंचमी है। परशदेपुर में दुकानें तक बंद करा दी गई हैं। इससे दुकानदार परेशान हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ दुकानदारों ने बताया था कि नागपंचमी पर कुछ बिक्री होने पर फायदा हो जाता है। इस बार दुकान बंद होने से नुकसान उठाना पड़ रहा है। घरों में भी सन्नाटा रहा। कई घरों में ताले लटके रहे।
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