रायबरेली। सातवां वेतनमान दिलाए जाने समेत कई मांगों को लेकर सोमवार को नगर पालिका के करीब 500 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इससे शहर के 34 वार्डों में साफ-सफाई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। कामकाज बंद किए जाने से शहर के विभिन्न चौराहों और वार्डों में कूड़े के ढेर लगे नजर आए।
इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे तक सफाईकर्मी काम पर नहीं पहुंचे तो नागरिक अफसरों को फोन मिलाने लगे लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। हालांकि शाम को मार्च तक मांगें पूरी किए जाने के आश्वासन पर सफाई कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और मंगलवार से काम करने का ऐलान किया।
नगर पालिका परिषद रायबरेली में इस समय नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग के तहत करीब 500 सफाई कर्मी तैनात हैं। सोमवार को अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की अगुवाई में सफाई कर्मचारी सुपर मार्केट में धरने पर बैठ गए। सभी ने पालिकाध्यक्ष और ईओ के खिलाफ भड़ास निकालते हुए प्रदर्शन किया और कहा कि अब अपने साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सफाई कर्मियों की हड़ताल से जिला अस्पताल चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, सिविल लाइंस चौराहा के अलावा इंदिरा नगर, सत्य नगर, मधुबन रोड, मलिकमऊ, अमरीशपुरी व प्रभुटाउन समेत अन्य मोहल्लों में कूड़े के ढेर लगे रहे। कुछ स्थानों पर लोगों ने स्वयं साफ-सफाई की। गंदगी फैलने के कारण लोगों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ीं।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष शिवशंकरलाल, जिला महासचिव चंदन वाल्मीकि व नगर अध्यक्ष कौशल ने बताया कि संविदा कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। आउटसोर्सिंग के तहत काम करने वाले कर्मियों को महज 26 दिन का वेतन दिया जा रहा है। बचे दिन के मानदेय का बंदरबांट किया जा रहा है।
पिछले साल रिटायर्ड हुए कर्मियों के देयकों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। 23 जनवरी को मांगों को लेकर पालिकाध्यक्ष और ईओ को ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन उस पर कोई विचार नहीं किया गया। सुपर मार्केट में धरने के दौरान सिकंदर व अंजनी समेत अन्य सफाई कर्मी मौजूद रहे।
नगर पालिका परिषद के ईओ बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने हड़ताल की थी। मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों को सुना गया। आउटसोर्सिंग कर्मियों को शासन से 26 दिन का ही मानदेय दिए जाने का नियम है। जो मांगें मानने वाली थीं, उन्हें मान लिया गया है। सफाई कर्मियों की सभी समस्याएं प्राथमिकता के तौर पर दूर कराई जाएंगी। सफाई कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है।