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मवेशी आने पर पलटी टवेरा, एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच मरे

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उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर बिहार क्षेत्र में हादसे में दुर्घटना ग्रस्त कार। - फोटो : KANPUR
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खीरों (रायबरेली)। रायबरेली-उन्नाव सीमा पर शनिवार की शाम मवेशी आने पर एक एसयूवी पलट गई। इससे एसयूवी में सवार एक ही परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत हो गई। मरने वालों में दो बहनें, पिता और चाचा शामिल है। हादसे में छह लोग घायल भी हुए हैं। यह हादसा उस समय हुआ, जब सभी चौथी लेकर घर लौट रहे थे।
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चूंकि यह हादसा बिहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुआ। इसलिए बिहार थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एक साथ पांच लोगों की मौत की खबर से गांव में कोहराम मच गया। पुलिस हादसे की जांच कर रही है।
रायबरेली जिले के खीरों थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव की रहने वाली माधुरी (20) की इसी माह 26 जून को सरेनी थाना क्षेत्र के उसरो गांव निवासी अरविंद के साथ शादी हुई थी। शनिवार को परिवार के लोग चौथी लाने उसरो गांव गए थे। शाम को माधुरी को विदा कराकर परिवार के लोग एसयूवी से घर लौट रहे थे।
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उन्नाव जिले के बिहार थाना क्षेत्र के आकमपुर गांव के पास सामने से एक मवेशी आ गया। मवेशी को बचाने के चक्कर में एसयूवी कई पल्था खाते हुए पलट गई। इससे उसमें सवार माधुरी, उसके पिता बुद्धीलाल (50), चाचा गंगाराम (40) और छोटीखेड़ा गांव के रहने वाले रिश्तेदार हीरालाल (60) की मौके पर मौत हो गई।
हादसे में घायल चालक दिनेश पासी (30) ने भी कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। जबकि माधुरी की बहन मोनी (15), चचेरा भाई सर्वेश (20) पुत्र चतुरी, मौरावां थानाक्षेत्र के छोटीखेड़ा निवासी मामा शंकर (36) पुत्र हीरालाल, रायबरेली के मझिगवां निवासी अजीत (45) पुत्र गंगाराम, धर्मेंद्र (30) पुत्र गंगाराम, पंकज (30) पुत्र हीरालाल कार में फंसकर घायल हो गए।
घायलों की चीख पुकार सुन राहगीरों ने उन्हें बाहर निकाला। पुलिस ने एंबुलेंस से सभी घायलों को सुमेरपुर पीएचसी भेजा गया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे में माधुरी का भाई रानू बाल-बाल बच गया। इधर हादसे की खबर गांव पहुंची तो यहां रोना पिटना मच गया। खीरों एसओ अरुण सिंह का कहना है कि हादसे की सूचना मिली है।
गम में बदल गई घर की खुशियां
इधर, सभी माधुरी के घर आने का इंतजार कर रहे थे। सभी में माधुरी से मिलने को लेकर उत्सुकता थी, क्योंकि शादी के बाद वह पहली बार घर आ रही थी। पकवान बनाए जा रहे थे। हर तरफ खुशी का माहौल था। शाम को हादसे की खबर पहुंची तो यह खुशी पलभर में गम में तब्दील हो गई। रोना पिटना मच गया।
घर के अंदर से चीखें गूंजी तो पड़ोसी और गांव के अन्य लोग दौड़कर पहुंचे। ग्रामीणों को भी घटना की जानकारी हुई तो वह भी अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए। वहां पर मौजूद लोग उस घरी को कोस रहे थे, जब सभी माधुरी को लाने के लिए घर से निकले थे। मां सरस्वती, भाई बिंदा प्रसाद, रामू, बहन गुड़िया रह-रहकर रो पड़ती है।
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