रायबरेली। यूपी बोर्ड एग्जाम गुरुवार से शुरू हो रहे हैं और अब तक कई विद्यालयों ने अपने शिक्षकों को परीक्षा ड्यूटी के लिए कार्यमुक्त नहीं किया है।
हालांकि ड्यूटी से भागने वाले शिक्षकों के खिलाफ डीआईओएस ने कार्रवाई करने की बात कही है, फिर भी परीक्षा में कक्ष निरीक्षक की कमी पड़ सकती है।
वजह यह कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर हड़ताल चल रही है। इसलिए शिक्षकों की अतिरिक्त संख्या जुटाने के लिए भी अफसरों ने माथापच्ची शुरू कर दी है।
बोर्ड परीक्षा के लिए 114 केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के लिए 4424 शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी, लेकिन माध्यमिक शिक्षा विभाग के पास 3327 शिक्षक ही उपलब्ध होने के कारण बेसिक शिक्षा से 1097 शिक्षकों की दरकार की गई थी। बेसिक शिक्षा विभाग ने भी ब्लॉक क्षेत्रवार शिक्षकों की संख्या उपलब्ध करा दी।
एक तरफ वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षक ड्यूटी से पीछे हट रहे हैं तो दूसरी तरफ पुरानी पेंशन बहाली को लेकर चल रही हड़ताल से बेसिक शिक्षकों की पर्याप्त संख्या न जुट पाने की आशंका है।
इसीलिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने रिजर्व के तौर पर लगभग 1100 शिक्षकों की संख्या अलग-अलग माध्यम से जुटाने की जोर आजमाइश शुरू कर दी है।
इसमें इंजीनियरिंग कॉलेज, सीबीएसई के स्कूल, संस्कृत विद्यालय, बेसिक के सहायता प्राप्त विद्यालय, रिटायर्ड शिक्षकों को डाटा तैयार किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर इनकी भी मदद ली जा सके।
नकल का माध्यम बनेंगे चोर दरवाजे, खिड़कियां
बोर्ड परीक्षा में भले ही चाक-चौबंद व्यवस्था की गई हो, लेकिन कई शातिर परीक्षा केंद्रों में बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी चोर दरवाजे और खिड़कियों को बंद नहीं कराया गया है।
डलमऊ और ऊंचाहार तहसील क्षेत्र के कई परीक्षा केंद्र तो अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रही हैं। इन्हीं क्षेत्रों में अधिकारियों ने खास नजर रखने की योजना बना रखी है। डलमऊ क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में तो अगल-बगल स्थित शैक्षिक संस्थाओं की ओर आवागमन के लिए दरवाजे खुले हैं तो इसी इलाके में सड़क की तरफ लगी टूटी खिड़कियां भी नकल का माध्यम बन सकती हैं।
ऐन वक्त पर काम आएगी रिजर्व टीम
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हर स्तर पर रिजर्व टीम बनाकर विषम परिस्थितियों से निपटने का खाका तैयार कर लिया है। संवेदनशील केंद्र के लिए एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट, छापेमारी के लिए एक सचल दस्ता, हर तहसील में दो-दो केंद्र व्यवस्थापक अतिरिक्त बनाए गए हैं, जिन्हें रिजर्व कैटेगरी में रखा गया है।
परीक्षा के दौरान ऐन वक्त पर जरूरत पड़ने पर रिजर्व कैटेगरी से उन्हें तैनाती दी जाएगी। डीआईओएस डॉ. चंद्रशेखर मालवीय का कहना है कि हर समस्या के निपटारे के लिए रिजर्व स्टाफ काम आएगा। शिक्षकों की बड़ी संख्या भी रिजर्व पूल में जुटाई जा रही है। कक्ष निरीक्षकों की कमी कतई नहीं होने पाएगी।