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अपना पालिकाध्यक्ष होने से बढ़ेगी महिलाओं की ताकत

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महिला पालिकाध्यक्ष होने से बढ़ेगी हमारी ताकत
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रायबरेली। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद की सीट पहली बार महिला के लिए आरक्षित होने पर महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी समझा और घरों से निकल कर मतदान में भाग लिया। नगर क्षेत्र में लगभग 77,932 हजार महिला वोट हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 85,992 है। चेयरमैन बनने के लिए सभी प्रमुख दलों समेत 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। नगर क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों में पुरुषों से ज्यादा महिला वोटरों की भीड़ दिखी। बातचीत में महिलाओं ने कहा कि जब चेयरमैन की सीट पर महिला होगी तो हमारी ताकत और ज्यादा बढ़ेगी। इसीलिए हम लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है।
छजलापुर में वोट डालने पहुंची सोनिका यादव और आईटीआई निवासी कविता सिंह ने कहा कि अभी तक महिलाएं इस सियासी दांव-पेंच में नहीं पड़ती थीं, लेकिन जब महिला चेयरमैन चुनने की बात आई तो बहुत खुशी हुई। अपनी पसंद का चेयरमैन चुन कर अब मोहल्ले की समस्याएं दूर कराएंगी। सर्वोदय नगर की सुशीला त्रिपाठी और शिवाजी नगर की वंदना सिंह ने कहा कि पुरुषों के ड्यूटी या व्यवसाय में व्यस्त रहने के कारण अक्सर समस्याओं से नगर पालिका को रू-ब-रू नहीं करा पाने की दिक्कत आ रही थी। महिलाएं भी पालिका जाकर समस्या बताने में हिचकिचाती थीं, लेकिन अब महिला चेयरमैन चुनी जाएगी तो महिलाएं बेधड़क होकर अपनी समस्या बता सकेंगी।
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एफजी कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंची निक्की जीवनानी और रीना दिवाकर ने कहा कि शहर की सरकार का अध्यक्ष चुनने को लेकर बहुत खुशी है। चुनाव प्रचार के दौरान जिस तरह महिलाएं घरों से निकली हैं, उसी तरह महिला वोटरों में भी मतदान को लेकर काफी उत्साह रहा। मालती और कल्पना पाल ने कहा कि महिला चेयरमैन चुने जाने से शहर की आधी आबादी का हौसला बढ़ा है। उनकी ताकत में भी इजाफा होगा। दीपशिखा सिंह और विजय लक्ष्मी ने कहा कि बदलाव होना चाहिए। राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी भी बराबर की होनी चाहिए। नगर पालिका में महिला अध्यक्ष चुना जाना बहुत जरूरी थी। महिलाएं खुद मोहल्लों की समस्या लेकर नगर पालिका जाया करेंगी।
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