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पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पुलिस अफसरों की बयानबाजी की पोल

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, बर्बरतापूर्वक की गई हत्या
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- अनूप मिश्रा की जांघ से निकली गोर्ली, इंटों से कूंच दिया गया था मुंह
- सीएमओ की अगुवाई में डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा और बरगदहा गांव के बीच पांच लोगों की मौत को लेकर देर रात कर एसओ और पुलिस अफसर यही कहते रहे कि सफारी पोल से टकरा गई और पोल समेत बिजली के तार वाहन पर गिर गए, जिससे पांच लोग जिंदा जल गए। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने तो पुलिस की बयानबाजी की कलई खोलकर रख दी। इस संबंध में एसपी गौरव सिंह का कहना है कि फिलहाल पीड़ित परिवार की ओर से जो तहरीर दी गई है, उसके अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच में जो भी सच सामने आएगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक बड़ी बर्बरतापूर्वक तरीके से उनको मौत के घाट उतारा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो एक मृतक के जांघ में गोली धंसी पाई गई। जाहिर है कि उसे गोली मारी गई होगी। साथ ही उसका सिर इस कदर ईंटों से कूंच दिया गया था कि किसी को पहचानने में न आ सके। जबकि चार अन्य व्यक्तियों की पिटाई की थी। इसमें सभी जले थे, लेकिन रोहित शुक्ला पूरी तरह जल गया था। सीएमओ डॉ. डीके सिंह की अगुवाई में डॉक्टरों के दो पैनल से मंगलवार को सुबह पुलिस की मौजूदगी में जिला मुख्यालय पर शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. भावेश सिंह यादव शामिल रहे। सीएमओ का कहना है कि जो पीएम रिपोर्ट आई है, उसके मुताबिक मृतक अनूप मिश्रा को जांघ में गोली लगी थी। साथ ही उसका मुंह ईंटों से कूचा गया था। मृतक बृजेश कुमार शुक्ला, भाष्कर मिश्रा उर्फ अंकुश, नारेंद्र शुक्ला को लाठी-डंडे से पीटा गया था। इसमें सभी जले हुए थे। कोई कम जला था तो कोई ज्यादा, लेकिन रोहित शुक्ला का पूरा शरीर जल गया खा।
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सीएमओ के अनुसार, पीएम रिपोर्ट में किस मृतक को कितनी आई चोट
रोहित शुक्ला-100 फीसदी झुलसा था। पीठ और शरीर के साथ अन्य हिस्सों में भी चोट थी।
अनूप कुमार मिश्रा-जांघ में गोली लगी। ईंटों से कूंचने पर मुंह में गहरी चोट। लाठियों से पीटने से पीठ पर चोट। 60 फीसदी झुलसा था।
बृजेश कुमार शुक्ला-100 फीसदी जला था। लाठी-डंडों से मारने की वजह पीठ और सिर पर थे चोट के निशान।
भाष्कर मिश्रा उर्फ अंकुश 65 फीसदी झुलस गया था। लाठी-डंडों से मारने पीठ और चेहरे पर थे चोट के निशान।
नरेंद्र शुक्ला-60 फीसदी झुलसा था। पिटाई से पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों पर थे चोट के निशान।
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