कागजों पर ही भरा दिए गए तालाब,
- ब्लॉक के अफसरों का दावा 195 तालाबों में भरा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
खीरों (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में ग्राम पंचायतों में खोदे गए तालाबों में धूल उड़ रही है। ऐसे में मवेशियों और पक्षियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यह हाल तब जब शासन ने सभी तालाबों में पानी भरवाने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद खीरों ब्लॉक के अधिकारी जिला मुख्यालय को झूठी रिपोर्ट भेज रहे हैं। मुख्यालय भेजी गई रिपोर्ट में 195 तालाबों में पानी भरा दिखाया गया है, जबकि हकीकत इसके उलट है।
खीरों ब्लॉक की 60 ग्राम पंचायतों में कुल 480 तालाब राजस्व विभाग के अभिलेखों में दर्ज हैं। ब्लॉक के अधिकारियों ने विकास विभाग को भेजी गई रिपोर्ट में 175 तालाबों में पहले से पानी से भरे होने व 20 तालाबों में ग्राम सभाओं द्वारा पानी भराए जाने सहित कुल 195 तालाबों में पानी भरा दिखाया गया है, लेकिन मौके पर देखा जाए तो इन झूठे आंकड़ों की पोल खुल जाती है। दिन प्रतिदिन गिरते जलस्तर से गांवों में एक तरफ जहां पेयजल का संकट खड़ा हो रहा है, वहीं छोटे नलों से पानी आना बंद हो गया है। गांवों में लगे ज्यादातर इंडिया मार्का नल अधिकांश खराब हो गए या फिर बहुत कम पानी दे रहे हैं।
तालाबों में पानी नहीं होने से मवेशियों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। कुछ ग्राम प्रधानों ने बताया कि पिछले साल अधिकारियों ने दबाव बनाकर तालाब भरवाए गए थे, जिनका भुगतान आज तक नहीं हुआ। ग्रामीण रामसुमेर, अभिषेक, रजनीश तिवारी, अशोक कुमार, बनीराम ने बताया कि तालाबों में पानी नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खंड विकास अधिकारी खीरों अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी ग्राम प्रधानों और ग्राम विकास अधिकारियों को तालाब भराने के निर्देश दिये गए हैं। तालाबों में पानी भरने की प्रक्रिया चल रही है, जिन तालाबों में पानी भर गया है। उनकी सूचना जिला मुख्यालय विकास विभाग को दी जा रही है।