फिरोज गांधी महाविद्यालय में परीक्षा देने के बाद बाहर निकलते परीक्षार्थी।
रायबरेली। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) के पहले दिन शनिवार को कड़ी सुरक्षा में परीक्षा हुई। परीक्षार्थियों को दो लेयर की जांच के बाद परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिला। इस दौरान गहमागहमी का माहौल रहा।
दूसरी पाली की परीक्षा में जीजीआईसी देवानंदपुर में महिला परीक्षार्थी की हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाज किया। पहले दिन परीक्षा में 19776 बच्चों को शामिल होना था, लेकिन 15960 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। 3816 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे।
जिले में पीईटी के लिए 23 केंद्र बनाए गए थे। दो पालियों में परीक्षा कराई गई। एडीएम (प्रशासन) सिद्धार्थ ने बताया कि प्रथम पाली में 9888 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 7922 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। 1966 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में पंजीकृत 9888 परीक्षार्थियों के सापेक्ष 8038 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। दूसरी पाली में 1850 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहें।
परीक्षा केंद्रों पर गहन तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम से परीक्षा पर नजर रखी गई। परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी कैमरा से निगरानी की गई। परीक्षा के दौरान दूसरी पाली में जीजीआईसी देवानंदपुर परीक्षा केंद्र में महिला परीक्षार्थी की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाज किया।
डिप्टी सीएमओ डॉ. राकेश यादव ने बताया कि महिला परीक्षार्थी को डायरिया की समस्या पहले से थी। सूचना पर मौके पर पहुंचकर उसका इलाज किया गया, जिसके बाद परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। रविवार को भी प्रत्येक पाली में 9888 बच्चे परीक्षा देंगे।