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377 आरक्षी बने सिपाही

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रायबरेली। पुलिस लाइंस और 25वीं वाहिनी पीएसी में सोमवार को रिक्रूट आरक्षी दीक्षांत समारोह हुआ। पुलिस लाइंस और पीएसी में आयोजित समारोह के दौरान कुल 377 सिपाहियों को पद एवं कर्तन्य निष्ठा की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस लाइंस में आयोजित समारोह में लखनऊ रेंज के आईजी एसके भगत ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। यहां पर 124 रिक्रूट आरक्षी सिपाही बने।
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आईजी एसके भगत ने कहा कि काम के प्रति सभी अनुशासन बनाए रखें और अपराधियों का मुकाबला करे। आम जनता के साथ अच्छे से पेश आएं और उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहे। काम ऐसा करें, जिससे खाकी हमेशा गौरवान्वित रहे। प्रशिक्षण में बताए गए टिप्स के जरिए ही कार्य करे। रिक्रूट आरक्षियों की बूटों की धमक से पुलिस लाइंस गूंज उठा। सभी की खुशी देखते ही बन रही थी। अब यह सब थानों में तैनात होकर आम जनता की सुरक्षा करेंगे।
आईजी ने प्रशिक्षण के दौरान अच्छे अंक हासिल करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले आरक्षी अरविंद सिंह, मिथुन कुमार, दीपक यादव, धर्मेंद्र कुमार पाल, प्रिंस यादव समेत 15 आरक्षियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। एसपी स्वप्निल ममगाई को भी आईजी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। एएसपी नित्यानंद राय, प्रतिसार निरीक्षक बृजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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25वीं वाहिनी पीएसी में रिक्रूट आरक्षी दीक्षांत समारोह हुआ। यहां पर डीएम शुभ्रा सक्सेना, पीएसी कमांडेंट अरविंद भूषण पांडेय ने पासिंग आउट परेड की सलामी ली। यहां पर वाराणसी और उन्नाव के 253 रिक्रूट आरक्षी पासिंग आउट परेड में शामिल हुए और सभी सिपाही बने। डीएम और कमांडेंट ने आरक्षियों से ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस लाइंस में आयोजित दीक्षांत समारोह में आरक्षियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वहीं इस दौरान रिक्रूट टेर्निंग सेंटर (आरटीसी) के प्रभारी मणिशंकर तिवारी भावुक हो गए। उन्होंने छह माह तक इन आरक्षियों को न सिर्फ ट्रेनिंग दी, बल्कि पुलिस के कायदे-कानून भी बताए। प्रशिक्षण के दौरान बताया कि पुलिस की नौकरी मुश्किल है, लेकिन इसमें कभी घबराना नहीं।
कर्तव्यनिष्ठा के तहत कार्य करना। आईजी एसके भगत ने आरटीसी प्रभारी को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित भी किया। दीक्षांत समारोह के दौरान आरक्षियों में खुशी दिखी। उनका कहना था कि खाकी की वर्दी का पहनने का सपना पूरा हुआ। यह काम चुनौती भरा था, लेकिन मेहनत और लगन से कार्य किया तो इस मुकाम पर पहुंच गया।
वाराणसी के धर्मेंद्र कुमार कहते हैं कि उनकी इस कामयाबी पर परिवार के लोग खुश हैं। आम जनता की सुरक्षा करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। फैजाबाद जिले के रहने वाले आदित्य कुमार, अंबेडकर नगर के मनीष कनौजिया, प्रयागराज के रहने वाले राजेश कुमार के चेहरे पर खुशी के भाव थे।
कहते हैं कि बचपन से ही पुलिस में भर्ती होकर जनता की सेवा करने का उनका जो सपना था, आज पूरा हो गया। उनकी इस कामयाबी पर उनका परिवार खुश है। रायबरेली में ट्रेनिंग के दौरान जो प्यार मिला, उसे कभी नहीं भूल पाएंगे।
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