वित्तीय वर्ष पूरा होने वाला है। लेकिन वर्ष 2015-16 के लिए चयनित 37 लोहिया गांवों को संतृप्त नहीं किया जा सका है। लोहिया गांवों में विकास की गति धीमी है। कई विभाग बजट होने के बाद भी उसे खर्च नहीं कर पा रहे हैं। कुछ विभागों को कार्यों के लिए बजट की दरकार है।
चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले में 37 लोहिया गांव चुने गए। गांवों में सीसी रोड, केसीसी ड्रेन, प्रसाधन कक्ष, बिजली आदि की व्यवस्था के लिए बजट की व्यवस्था कराई गई। लेकिन गांवों को अब तक शत प्रतिशत संतृप्त नहीं किया जा सका है।
ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने तो मनमानी की हद ही पार कर दी है। आठ करोड़ से अधिक की धनराशि मिलने के बाद भी अब तक चार करोड़ रुपये ही सीसी रोड व केसीसी ड्रेन में खर्च किए हैं। गांवों में प्रसाधन कक्षों के निर्माण कार्य भी शत प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है। ऐसी स्थिति में गांवों को संतृप्त नहीं किया जा सका है।
बछरावां विधानसभा क्षेत्र-ताजुद्दीनपुर, उदरहरा, नेरथुआ, रामगांव, हसनपुर, ओया, ताजपुर।
हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र-अंगुरी, खिरिजपुर करौंदी, मझिगवां राव, बकुलिहा, खरगपुर, बीजेमऊ, खपुरा, जैतीपुर।
सरेनी विधानसभा क्षेत्र-जहांगीराबाद, खरगपुर सौताना, आलमपुर, दतौली, पूरे ओरी, रावतपुरकला, हरीपुर। ऊंचाहार विधानसभा क्षेत्र-जमुनीपुर चरुहार, गौरा खसपरी, घूरी, बिछियावादी, छीछेमऊ, गंगौली, ज्योतियामऊ, खालिगपुर कला।
सलोन विधानसभा क्षेत्र- हाजीपुर, काजीपुर, तेलियानी, अब्दूपुर, सांडा सैदन, रेवरी सैदपुर, पूरे थम्मन, अथरथरिया।
डीडीओ आरएन सिंह का कहना है कि लोहिया गांवों को संतृप्त करने के लिए संबंधित विभागों को शासन से मिलने वाला बजट उपलब्ध करा दिया गया है। विभागों को समय से काम को पूरा कराने के आदेश दिए गए हैं। कार्यों में लापरवाही करने वालों पर डीएम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।