रायबरेली। ऐशबाग माइनर पर कब्जा करके अवैध निर्माण कराने वाले पांच और कब्जेदारों के खिलाफ सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। इन कब्जेदारों पर 33.57 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। सभी को संबंधित भूमि से बेदखल भी कर दिया गया है।
बेदखली आदेश को अनुपालन के लिए सदर तहसील भेजा गया है। अब तक 40 कब्जेदारों के खिलाफ बेदखली आदेश के साथ ही 1.88 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा चुका है। 52 मुकदमों में सुनवाई चल रही है।
वर्ष 1917 में अस्तित्व में माइनर की लंबाई करीब 3.300 किलोमीटर और चौड़ाई 18 मीटर है। माइनर पर कब्जा करके लोगों ने निर्माण करा लिया। अक्टूबर 2025 में माइनर पर कब्जा करके मकान, कांप्लेक्स व अन्य प्रतिष्ठान संचालित करने वाले 92 कब्जेदारों पर सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में मुकदमा किया गया था। मुकदमों की सुनवाई पूरी होने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अकबरपुर कछवाह निवासी हैदरअली पर 20066 रुपये, नया पुरवा निवासी राम सुमेर पर 679000 रुपये, गणेश नगर निवासी बीएल श्रीवास्तव पर 137300 रुपये, सोनिया नगर निवासी गोवर्धन पर 659620 रुपये और गांधी नगर निवासी संजय शुक्ला पर 1861900 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अब तक सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से 40 कब्जेदारों पर 1.55 लाख रुपये का अर्थदंड लग चुका है। सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया कि ऐशबाग माइनर पर कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ विचाराधीन अन्य मुकदमों में भी जल्द ही सुनवाई पूरी की जाएगी।