4200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का मानदेय रोका
रायबरेली। आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करके धरना प्रदर्शन कर रहीं करीब 4200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का मानदेय रोक दिया गया है। 22 अक्तूबर से केंद्र खोलकर कार्यक्रम का संचालन करने वाली कार्यकर्ताओं को ही मानदेय दिया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व में निदेशक ने भी पत्र जारी करके काम न करने वाली कार्यकर्ताओं को मानदेय न देने के आदेश दिए थे।
मांगों को लेकर 22 अक्तूबर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का विकास भवन में धरना चल रहा है। लगातार केंद्र न खुलने के कारण बाल विकास एवं पुष्टाहार की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। शत प्रतिशत बच्चों के वजन का काम भी पूरा नहीं हो सका। लगातार केंद्र न खोलने वाली करीब 4200 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का 22 अक्तूबर के बाद का मानदेय रोक दिया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सभी सीडीपीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। जो केंद्र खुले पाए जा रहे हैं, उन केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ही मानदेय दिया जा रहा है। जिन कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका है, उन्हें शासन का निर्देश मिलने के बाद ही मानदेय दिया जाएगा।