जूनियर इंजीनियरों की हड़ताल से जनता बेहाल
रायबरेली। अवर अभियंता एमए मंसूरी पर हुए जानलेवा हमले के बाद हमलावरों की गिरफ्तारी न होने के विरोध में मंगलवार को जिले के सभी जूनियर इंजीनियर हड़ताल पर चले गए। कामकाज ठप कर सर्किल दफ्तर के समाने धरने पर बैठ गए। अभियंताओं की हड़ताल से जिले की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई।
जिला अस्पताल की काफी देर तक बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे रोगी और तीमारदार गर्मी से बेहार रहे। इसके अलावा शहर से लेकर गांवों तक कई घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। सरेनी, खीरों, ऊंचाहार और जगतपुर की बिजली आपूर्ति देर शाम बहाल हो सकी। इससे उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उधर, विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार दोहरे ने बताया कि जेई सांकेतिक धरना दे रहे हैं। कामकाज में भरपूर सहयोग लिया जा रहा है।
अमावां उपकेंद्र के अवर अभियंता एमए मंसूरी पर तीन दिन पहले जानलेवा हमला हुआ था। जेई आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। राजस्व वसूली के अलावा कनेक्शन काटने का काम बंद कर दिया। मंगलवार को सभी अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार कर सर्किल दफ्तर में राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के बैनर तले धरना दिया। जूनियर इंजीनियरों की हड़ताल से शहर से लेकर गांवों तक की बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। शहर के तेलियाकोट, इंदिरा नगर और ग्रामीण अंचलों ऊंचाहार, जगतपुर, खीरों, सरेनी उपकेंद्र से निकले कई फीडरों में फॉल्ट आने से आपूर्ति कई घंटे ठप रही। इससे उपभोक्ताओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
संगठन के जिला सचिव एसपी यादव ने कहा कि वारदात हुए चार दिन बीत गए, लेकिन अब तक पुलिस ने घायल जेई के बयान तक नहीं दर्ज किए हैं। इससे साफ जाहिर है कि पुलिस प्रशासन हम लोगों के साथ किस तरह व्यवहार कर रहा है। विजय कुमार, प्रवीन पांडेय, हेमंत कुमार ने कहा जब तक हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। रामनाथ, नरसिंह नरायन यादव, शंभूनाथ ने कहा कि यदि मामले के दोषी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।