अप्टा हत्याकांड की हो सीबीआई जांच
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग हत्याकांड की सियासत की लड़ाई में अब सपा भी मैदान में कूद पड़ी है। शनिवार को सपाइयों ने अप्टा हत्याकांड की सीबीआई जांच के लिए आवाज उठाई। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम प्रशासन तिलकधारी को सौंपा।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम बहादुर यादव की अगुवाई में सपाइयों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। सीएम को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग हत्याकांड को लेकर तत्कालीन एसपी गौरव सिंह का जनपद स्थानांतरण किया जाना और मामले के विवेचक थानेदार सुरखाब खां को लाइन हाजिर कर देने के कारण स्थानीय पुलिस से विवेचना संदेह के घेरे में आ जाती है। जिले के राजनीतिक एवं अन्य सामाजिक संगठनों ने अपेक्षा एवं मांग की है कि इस कांड की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि घटना का सही खुलासा हो सके। निर्दोषों को सजा न मिले और दोषी बच न पाएं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से कानून व्यवस्था का हाल बेहाल है। हत्या, डकैती, बलात्कार की घटनाएं होना आम बात हो गई है। कानून व्यवस्था के मामले में योगी सरकार पूरी तरह फेल है। इस मौके पर नगर पालिकाध्यक्ष मो. इलियास, रामे यादव, पारुल वाजपेयी, देवतादीन, रामसेवक वर्मा, वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
अप्टा में फर्जी उछाला जा रहा स्वामी का नाम
शहर में आयोजित एक बैठक में अप्टा हत्याकांड को लेकर चर्चा की गई। कुलदीप पाल ने कहा कि अप्टा कांड में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का नाम उछाला जा रहा है, जो गलत है। उन्होंने इस कांड में दोषियों को सजा व निर्दोषों को न्याय दिलाने की बात कही है। अप्टा कांड की सीबीआई जांच होनी चाहिए। इस मौैके पर राधेश्याम पाल, रामचंदर, शिवबालक पाल, संदीप पाल मौजूद रहे।