रायबरेली। गांव स्तर पर भी अब किसानों को खाद के साथ ही ऋण की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए 31 नई साधन सहकारी समितियां गठित की गई हैं। रायबरेली में 28, जबकि अमेठी जिले में तीन समितियां नई बनी हैं। अभी तक न्याय पंचायत स्तर पर साधन सहकारी समितियों का गठन होता था, लेकिन अब गांव स्तर पर सहकारिता विभाग ने समितियों का गठन कर अच्छी पहल की है।
नई समितियों के स्थापित होने से दोनों जिलों के 50 हजार से ज्यादा किसानों को लाभ मिल सकेगा। खास बात है कि अमेठी जिला बनने के बाद भी वहां की तिलोई तहसील की साधन सहकारी समितियां सहकारिता विभाग रायबरेली की तरफ से संचालित की जाती हैं। अब दोनों जिलों में कुल मिलाकर समितियों की कुल संख्या 191 हो गई है।
अभी तक रायबरेली में 135, जबकि अमेठी में 25 साधन सहकारी समितियां संचालित थीं। अब रायबरेली में 28 और अमेठी में तीन नई समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक, कृषि उपकरण, फसल बीमा और कृषि ऋण जैसी कई आवश्यक सेवाएं मुहैया कराएंगी।
इसके साथ ही, ये समितियां सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे छोटे और सीमांत किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।
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यहां पर गठित की गईं समितियां
सहकारिता विभाग के मुताबिक जगदीशपुर, बथुवाखास, सरायं बैरिहाखेड़ा, सोंडासी, रतासो, बरदर, ओसाह, घूरी, कृष्णपुर ताला, जमुरावां, कुंभी, हरदी टीकर, बीजेमऊ खपुरा, जड़ावगंज, कंचनावां, डेला, रेवरी सैदपुर, बसंतपुर कठोइया, चरुहार बीक, बहादुर नगर, सेमरा, पूरे महा, सूरजपुर, बरियारपुर, चितवनियां, अलावलपुर, भनवे व अफसरी गांवों में नई समितियों का गठन किया गया है। इसके अलावा अमेठी जिले में तीन नई समितियां स्थापित की गई हैं।
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पांच समितियों का संचालन शुरू
रायबरेली और अमेठी में कुल मिलाकर 31 नई साधन सहकारी समितियां गठित की गई हैं। ऐसा होने से किसानों को गांव स्तर पर ही खाद, बीज के अलावा ऋण की सुविधा आसानी से मिल सकेगी। पांच समितियों का संचालन भी शुरू करा दिया गया है। शेष समितियों में जल्द खाद, बीज आदि का लाभ किसानों को मिलने लगेगा।
-विवेक विक्रम सिंह, अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक